देवरी खवासा। दीपावली के शुभ अवसर पर देवरी खवासा ग्राम में पूर्वजों के समय से चली आ रही वर्षों पुरानी परंपरा का निर्वहन इस वर्ष भी पूरे हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ किया गया। गांव के वरिष्ठजनों के नेतृत्व में यह आयोजन “पता दीपावली” के दिन संपन्न हुआ।
इस परंपरा के अंतर्गत जिन परिवारों में किसी परिजन का निधन हो चुका होता है, उन परिवारों के सदस्य को विशेष रूप से आमंत्रित कर मंदिर लाया जाता है। इसके बाद गांववासी सामूहिक रूप से मंदिर परिसर से निकलकर पास स्थित स्थल पर पहुंचते हैं, जहां गांव के विकास कार्यों, सामाजिक एकता और जनसेवा से जुड़े विषयों पर चर्चा की जाती है। इसके पश्चात दीपावली मिलन समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें समाज में सेवा भाव से कार्य करने वाले व्यक्तियों का सम्मान किया गया।
कार्यक्रम के दौरान गांव की महिलाओं द्वारा पारंपरिक रूप से एक गाय का पूजन किया गया। पूजा के बाद गाय को भोजन कराया गया, उसे वस्त्र पहनाए गए और विधि-विधान से मुक्त किया गया। पूरे दिन गाय को स्वतंत्र रूप से विचरण करने दिया गया। यह आयोजन चारभुजा मंदिर और अंबे माता मंदिर परिसर में संपन्न हुआ।
इसके उपरांत ग्रामवासी पटेल परिवार के निवास स्थान पर एकत्रित हुए, जहां सभी ने आपसी संवाद और सौहार्द के साथ एक-दूसरे को दीपावली की शुभकामनाएं दीं। ग्रामवासियों ने बताया कि यह अनूठी परंपरा वर्षों से सामाजिक एकता, आपसी प्रेम और सेवा भावना का संदेश देती आ रही है, जो देवरी खवासा ग्राम की विशिष्ट पहचान बन चुकी है।