धामनिया। ग्राम धामनिया के धर्मनिष्ठ एवं तपोनिष्ठ सुश्रावक राजमल बोड़ावत का 92 वर्ष की आयु में 21 अक्टूबर 2025 को अरिहंत शरणम् (स्वर्गवास) हो गया।
बोड़ावत धार्मिक प्रवृत्ति के धनी थे और लगभग 50 वर्षों से नियमित रूप से आयंबिल की तपस्या एवं प्रतिदिन सामयिक प्रतिक्रमण आदि धार्मिक क्रियाएँ संपन्न करते थे। उन्होंने सम्मेद शिखर जी और पालीताणा तीर्थ की नवाणु यात्रा की, तीन बार उपधान तथा लगभग 51 बार ओलीजी की तपस्या पूर्ण की।
वे अपने पीछे एक बड़ा परिवार छोड़ गए हैं। उनके स्वर्गवास से न केवल परिवार, बल्कि पूरे ग्राम व समाज में शोक की लहर फैल गई। महाप्रयाण यात्रा उनके निवास से निकाली गई, जिसमें परिवारजन, समाज एवं गांव के सैकड़ों लोग उपस्थित रहे और नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी।
इस अवसर पर हिम्मत सिंह डुंगरवाल, पारसमल लसोड़, पवन लसोड़, मनीष पुरोहित, विमल सहलोत (पत्रकार), अभय चौधरी, राजेंद्र शर्मा, शिव रावत सहित कई लोग अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचे। उपरोक्त जानकारी पत्रकार दिनेश वीरवाल ने दी।