चित्तौड़गढ़। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के निंबाहेड़ा सेवा केंद्र पर भाई दूज का पावन पर्व आध्यात्मिक वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर चित्तौड़गढ़ से राजयोगिनी आशा दीदी मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम का शुभारंभ ईश्वरीय स्मृति से हुआ। तत्पश्चात् आशा दीदी ने सभा में उपस्थित सभी भाई-बहनों को भाई दूज का आध्यात्मिक रहस्य अत्यंत सहज और गहन रीति से समझाया। उन्होंने कहा कि भाई दूज का वास्तविक अर्थ है ‘आत्मा का परमात्मा से द्वितीया मिलन’। जब आत्मा अपने स्वरूप में स्थिर होकर परमात्मा से जुड़ती है, तभी वह सच्चे भाईचारे की अनुभूति करती है।
दीदी ने आगे बताया कि ‘भाई’ का अर्थ शरीर नहीं बल्कि आत्मा है हम सब आत्मा रूप में ईश्वर के सच्चे संतान हैं। अतः एक-दूसरे को आत्मा समझकर ही व्यवहार करना सच्चे भाई दूज का संदेश है। जब हम आत्मिक स्थिति में रहते हैं तो परमात्मा की शक्ति और प्रेम हमारे प्रत्येक कर्म में सहज रूप से प्रवाहित होते हैं।
इस अवसर पर सभी उपस्थित भाई-बहनों को आध्यात्मिक टीका लगाया गया, ईश्वरीय प्रसाद एवं वरदान प्रदान किया गया। वातावरण में भक्ति, शांति और ईश्वर-स्मृति का अद्भुत संगम देखने को मिला।
निंबाहेड़ा सेवा केंद्र प्रभारी बीके शिवली दीदी ने सभा में उपस्थित भाई बहनों का आभार एवं धन्यवाद किया तथा सभी को राजयोग का अभ्यास कराया । इस कार्यक्रम में समाजसेवी यू एस शर्मा सेवादल अध्यक्ष दिनेश गुप्ता समाजसेवी नीतू शर्मा भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में सभी ने मिलकर संकल्प लिया कि वे आत्मिक दृष्टिकोण से संसार में सच्चे भाईचारे का प्रसार करेंगे और परमात्मा के साथ अटूट योग संबंध बनाए रखेंगे।