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October 28, 2025, 1:58 pm
NEWS : सेंथी स्थित कमला ऑप्टिक्स पर सुवालका समाज ने मनाई कार्तवीर्य भगवान सहस्त्रबाहु अर्जुन की जयंती, तस्वीर पर माल्यार्पण कर दी श्रद्धांजलि, पढ़े रेखा खाबिया की खबर 

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चित्तौड़गढ़। हैहयवंशीय कलवार क्षत्रिय समाज के आराध्य सहस्त्रबाहु भगवान कार्तवीर्य अर्जुन की जयंती पर सुवालका समाज द्वारा मंगलवार 28 अक्टूबर को प्रातः सेंथी स्थित कमला ऑप्टिक्स पर उनकी तस्वीर पर पुष्पांजलि, श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
सुवालका समाज अध्यक्ष ईश्वरदयाल सुहालका ने बताया की सहस्त्रबाहु अर्जुन का जन्म महाराज हैहय की 10वीं पीढ़ी में माता पद्मिनी के गर्भ से हुआ था। उनका जन्म नाम एकवीर तथा सहस्रार्जुन भी है। सहस्रार्जुन जयंती हैहयवंशी क्षत्रिय धर्म की रक्षा एवं सामाजिक उत्थान के लिए मनाई जाती है। चन्द्रवंश के महाराजा कृतवीर्य के पुत्र होने के कारण उन्हें कार्तवीर्य कहा जाता है और प्रतिवर्ष कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को जयंती मनाई जाती है। महाभारत, वेद ग्रंथों तथा कई पुराणों में सहस्रबाहु की कई कथाएं पाई जाती हैं। भागवत पुराण में भगवान विष्णु व लक्ष्मी द्वारा सहस्रबाहु महाराज की उत्पत्ति की जन्मकथा का वर्णन है। उन्होंने भगवान की कठोर तपस्या करके 10 वरदान प्राप्त किए और चक्रवर्ती सम्राट की उपाधि धारण की। वे भगवान विष्णु के 24वें अवतार माने गए हैं। सहस्रबाहु भगवान दत्तात्रेय के भक्त थे और दत्तात्रेय की उपासना करने पर उन्हें सहस्र भुजाओं का वरदान मिला था इसीलिए उन्हें सहस्रबाहु अर्जुन के नाम से भी जाना जाता है। पौराणिक ग्रंथों एवं पुराणों के अनुसार कार्तवीर्य अर्जुन के हैहयाधिपति, सहस्रार्जुन, दषग्रीविजयी, सुदशेन, चक्रावतार, सप्तद्रवीपाधि, कृतवीर्यनंदन, राजेश्वर आदि कई नाम होने का वर्णन मिलता है।

सुहालका समाज प्रवक्ता विजय सुवालका ’बंटी’ ने बताया की इस दौरान सुमन्त सुहालका, हरीश सुवालका, सुरेन्द्र सुवालका, हेमन्त सुहालका, गोपाल सुवालका सरपंच, किशोर सुवालका, ओमप्रकाश सुवालका, मुकेश सुवालका, सत्यनारायण सुवालका, कुलदीप सुवालका, संजय सुवालका, राजकुमार सुवालका, पिन्टू सुवालका, राजू सुवालका, रमेश सुवालका, विनोद सुवालका, योगेश सुवालका, नीरज सुवालका, सुनील सुवालका, भूपेश सुवालका, विजय सुवालका, शीला सुहालका, पुष्पा सुवालका, सरोज सुवालका, विमला सुवालका, सपना सुवालका, हीना सुवालका सहित सुवालका समाज के कई गणमान्यजन उपस्थित थे।
 

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