नीमच। गोपाष्टमी पर्व बुधवार, 29 अक्टूबर 2025 को तांगा अड्डा स्थित गंगेश्वर महादेव मंदिर परिसर में स्थित श्री सतगुरु गौशाला में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। इस अवसर पर राष्ट्रीय गौसेवा संघ के तत्वावधान में महिलाओं ने गौमाता की पूजा-अर्चना की, उन्हें हरा चारा, खल और गुड़ खिलाया तथा आरती कर गौमाता के सुख, समृद्धि एवं दीर्घायु जीवन की कामना की।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय गौसेवा संघ जिलाध्यक्ष एड. माया (मीनू) लालवानी ने कहा कि गोपाष्टमी पर्व कार्तिक शुक्ल अष्टमी के दिन मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को प्रतिदिन गौमाता के पोषण हेतु कम से कम 10 रुपये अलग रखने चाहिए, ताकि कोई भी गाय आहार से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के हृदय में भी गायों का वास था और हमारे जैसे कृषि प्रधान देश में गौमाता का विशेष स्थान है, जिनके दूध को अमृत समान माना गया है। गौमाता में 33 करोड़ देवी-देवताओं का वास होता है, जिनके दर्शन मात्र से जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं।
इस अवसर पर पिछले 21 वर्षों से सतत गौसेवा कर रहे गोसेवक खुशाल धामेचा को शॉल और श्रीफल प्रदान कर सम्मानित किया गया। सम्मान ग्रहण करते हुए धामेचा ने कहा कि “यह सम्मान मेरा नहीं, बल्कि गौमाता की सेवा का सम्मान है।”
पूजन कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने सामूहिक रूप से भजनों की प्रस्तुति दी “छोटी-छोटी गय्या नानो सो मेरो मदन गोपाल,” “मुझे अपने ही रंग में रंग दे यार सांवरे,” तथा “श्यामा तेरे चरणों की धूल जो गर मिल जाए, सच कहती हूं तकदीर संवर जाए” जैसे भजनों से वातावरण भक्तिमय हो उठा। कार्यक्रम के अंत में महिलाओं ने “जय गौमाता” के सामूहिक जयघोष के साथ पूरे विश्व में शांति एवं भारत की सुख-समृद्धि की प्रार्थना की।
कार्यक्रम में गुरुजी श्रीचंद खुबचंदानी, गोभक्त खुशालदास धामेचा, पुनम धामेचा, कुंज धामेचा, भारती मंगवानी, रूकमणी जैसवानी, ज्योति रोहिड़ा, जिया रामचंदानी, हिमांशी रामचंदानी, चंद्रप्रकाश (मोमू) लालवानी, चंद्रशेखर जायसवार सहित बड़ी संख्या में महिलाएं और गणमान्यजन उपस्थित रहे।