मंदसौर। जिले में हाल के महीनों में पुलिस कार्यप्रणाली पर लगातार उठ रहे सवालों और कथित आर्थिक लेन–देन के आरोपों के बीच पुलिस विभाग अब बड़ा सुधार करने की तैयारी में है। एसपी विनोद कुमार मीना थाना प्रभारियों के लिए परफॉर्मेंस-बेस्ड ट्रांसफर सिस्टम लागू करने जा रहे हैं। यह व्यवस्था लागू होने पर मंदसौर प्रदेश का पहला जिला होगा, जहां पुलिस अधिकारियों का रोटेशन पूरी तरह प्रदर्शन पर आधारित होगा।
3 से 6 महीने में रोटेशन, शिकायत पर तुरंत ट्रांसफर-
प्रस्तावित सिस्टम के तहत थाना प्रभारियों का रोटेशन हर 3 से 6 महीने में किया जाएगा। जिन अधिकारियों के खिलाफ शिकायतें होंगी या जिनका प्रदर्शन कमजोर पाया जाएगा, उन्हें केवल 3 महीने में हटा दिया जाएगा। वहीं उत्कृष्ट कार्य करने वाले टीआई को अधिक समय तक उसी थाने में काम करने का मौका मिलेगा।
11 पैरामीटर पर होगी समीक्षा-
मूल्यांकन के लिए 11 प्रमुख पैरामीटर तय किए गए हैं- जिनमें सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का समाधान, एनडीपीएस मामलों में कार्रवाई, लंबित प्रकरणों का निपटारा और क्षेत्र की कानून-व्यवस्था की स्थिति शामिल है। माना जा रहा है कि इस सिस्टम से प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और राजनीतिक हस्तक्षेप कम होगा।
एसपी बोले- फायदे-नुकसान का अध्ययन जारी-
एसपी विनोद मीना ने बताया कि सिस्टम उपयोगी है और बेहतर ढंग से लागू करने के लिए इसके संभावित प्रभावों का अध्ययन किया जा रहा है।
हाल की कार्रवाईयां बनी वजह-
दलोदा टीआई मनोज गर्ग पर अवैध मादक पदार्थ तस्करी प्रकरण में लेन–देन के आरोप लगने के बाद लाइन अटैच किया गया था। इसी तरह शामगढ़ टीआई धर्मेंद्र शिवहरे, उपनिरीक्षक अविनाश सोनी सहित अन्य पुलिसकर्मी भी एनडीपीएस मामलों में कथित आर्थिक लेन–देन के आरोपों के चलते लाइन अटैच हुए। उपनिरीक्षक नितिन कुमावत को 6 क्विंटल डोडाचूरा प्रकरण में रुपए लेने के आरोप में निलंबित किया गया। इन मामलों की विभागीय जांच जारी है। लगातार बढ़ती शिकायतों के बीच परफॉर्मेंस-बेस्ड ट्रांसफर सिस्टम को पुलिस व्यवस्था में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।