जावरा। जावरा को जिला तथा रतलाम को राजस्व संभाग घोषित किए जाने की लंबे समय से चली आ रही मांग को लेकर जन चेतना मंच जावरा ने मंगलवार को जनसुनवाई में एक बार फिर आवाज बुलंद की। मंच के महामंत्री एवं पत्रकार जगदीश राठौर ने एसडीएम सुनील जायसवाल को इस संबंध में 1998 से अब तक किए गए सभी प्रयासों एवं दस्तावेजों का संपूर्ण संकलन सौंपा।
दस्तावेजों में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को दिए गए 12 ज्ञापन, वर्ष 2013 में करीब 50 हजार नागरिकों के हस्ताक्षरयुक्त सामूहिक ज्ञापन, जावरा बंद की जानकारी, तथा “रतलाम संभाग क्यों?” और “जावरा जिला क्यों बनाया जाए?” जैसे विषयों पर तर्कसंगत व तथ्यपरक विवरण शामिल हैं। मंच ने बताया कि प्रदेश में ऐसे 13 जिले पहले ही बनाए जा चुके हैं, जिनकी जनसंख्या और भौगोलिक स्थिति जावरा से छोटी है, इसके बावजूद जावरा अब तक जिला घोषित नहीं हो सका।
महत्वपूर्ण दस्तावेजों में प्रस्तावित जावरा जिले का नक्शा, तथा वर्षों से विभिन्न समाचार पत्रों में प्रकाशित संबंधित खबरों की कतरनें भी संलग्न की गईं।
जन चेतना मंच के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ पत्रकार सुजान कोचट्टा ने बताया कि एसडीएम सुनील जायसवाल ने जनसुनवाई के दौरान करीब 10 मिनट तक विस्तार से चर्चा की और कहा कि मंच द्वारा प्रस्तुत समस्त सामग्री को कलेक्टर रतलाम के माध्यम से राज्य शासन को अग्रेषित किया जाएगा।