खरगोन। हिंद की चादर श्री गुरु तेग बहादुरजी की 350वीं शहीदी शताब्दी पर श्री गुरुद्वारा साहिब में गुरु को समर्पित तीन दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे है। श्री गुरुसिंघ सभा द्वारा स्कूली बच्चों के लिए श्री गुरु तेग बहादुरजी एवं उनके साथी भाई सतीदासजी, भाई मतिदासजी, भाई दयालाजी के देश, धर्म की रक्षा के लिए दिए गए सर्वाेच्च बलिदान पर आधारित डाक्यूमेंट्री का प्रदर्शन किया गया। सभा के सेक्रेटरी सरदार कमलजीत सिंह गांधी ने बताया विभिन्न स्कूलों के 2 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने श्री गुरुग्रंथ साहब के दर्शन करने के बाद डाक्यूमेंट्री फिल्म देखी। डाक्यूमेंट्री देख कई छात्र भावुक हो उठे। आंखों से आंसू झलक उठे। इस दौरान गुरुद्वारा साहेब का हॉल जो बोले सो निहाल सतश्री अकाल के जयघोष से गूंजायमान भी होता रहा। इस फिल्म प्रदर्शन का उद्देश्य विद्यार्थियों को गुरु साहिब के जीवन, बलिदान और मानवता के प्रति उनके योगदान से अवगत कराना था। फिल्म देखने के बाद विद्यार्थियों ने एक संगत एक पंगत के रुप में गुरु प्रसादी भी ग्रहण की। श्री गांधी ने बताया नौवें गुरु ने धर्म, सत्य, इंसानियत और कमजोरों की रक्षा के लिए अपना शीश समर्पित कर मानवता को नई दिशा दी। आज के समय में सहनशीलता और भाईचारे के लिए गुरु जी की शिक्षाएं अत्यंत प्रासंगिक हैं।
आज निकलेगा शहीदी जागृति नगर कीर्तन
श्री गुरुसिंघ सभा के प्रधान सरदार हरचरण सिंह भाटिया, लंगर सेवा प्रमुख जसबीर सिंह भाटिया ने बताया तीन दिवसीय शहीदी कार्यक्रमों का मंगलवार को समापन होगा।