नीमच। पौष कृष्ण मास की अष्टमी पर मनाए जाने वाले हनुमान अष्टमी के पावन पर्व का आज बालाजी धाम में भक्तिभाव के साथ उत्सवपूर्ण आयोजन किया गया। मान्यता है कि इसी दिन हनुमानजी ने पाताल लोक में पंचमुखी रूप धारण कर अहिरावण के चंगुल से भगवान श्रीराम और लक्ष्मण को मुक्त कराया था। इसलिए इस तिथि को हनुमान विजय उत्सव के रूप में भी मनाया जाता है।
सुबह से ही भक्तों का मंदिर में आगमन शुरू हो गया था। फूलों, दीपों और सजावट के बीच बालाजी का विशेष पंचमुखी श्रृंगार दर्शनों का मुख्य आकर्षण रहा। भक्तों ने दर्शन कर पूजा-अर्चना की।
दोपहर में संगीतमय सुंदरकांड पाठ का आयोजन हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन के माध्यम से अपनी आस्था व्यक्त की। शाम 6.30 बजे होने वाली महाआरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। आरती के पश्चात प्रसाद वितरण किया जाएगा।
मंदिर समिति के उपाध्यक्ष अशोक अग्रवाल और पुजारी नमो नारायण शास्त्री ने बताया कि प्रतिवर्ष की तरह इस बार भी हनुमान अष्टमी पूरे उत्साह और भक्ति भाव से मनाई जा रही है। शाम को सवा 11 किलो लड्डू का भोग लगाया जाएगा, जिसके बाद प्रसाद वितरित होगा।
पूरे दिन बालाजी धाम में भक्तों की भीड़ लगी रही और वातावरण आस्था, भक्ति और उल्लास से सराबोर रहा।