नीमच। नगर पालिका स्वास्थ्य अधिकारी और दरोगा की प्रताड़ना से तंग आकर मंगलवार 16 दिसंबर को नगरपालिका सफाई कर्मचारी विशाल घेंघट ने जनसुनवाई में जिला कलेक्टर को आवेदन देकर न्याय की मांग की।
आवेदन में विशाल ने बताया कि वे वार्ड नंबर 18 में सफाई कर्मचारी के रूप में ईमानदारी से कार्यरत हैं, लेकिन दरोगा अरुण घेंघट ने उन्हें अपने विकलांग पिता का काम करने के लिए मजबूर किया। मना करने पर उन्हें नौकरी से निकालने की धमकी दी गई। स्वास्थ्य अधिकारी और मुख्य नगरपालिका अधिकारी (सीएमओ) ने शिकायत के बावजूद उन्हें नौकरी पर बहाल नहीं किया।
विशाल ने बताया कि सूचना के अधिकार के तहत उन्होंने 13 नवंबर को दरोगा अरुण घेंघट और उनके माता-पिता के वेतन और हाजिरी रजिस्टर की जानकारी मांगी, लेकिन कर्मचारियों ने जानकारी देने के बजाय उन्हें टालमटोल किया। स्वास्थ्य अधिकारी दिनेश टांक ने फाइल गुम होने का बहाना बनाया। जब उन्होंने पत्रकार बुलाने की धमकी दी, तभी संबंधित फाइल ढूंढी गई, लेकिन सूचना अभी तक नहीं दी गई।
आवेदन में विशाल ने आरोप लगाया कि दरोगा अरुण घेंघट और स्वास्थ्य अधिकारी दिनेश टांक ने सांठ-गांठ कर शासन-प्रशासन को गुमराह किया और उनके माता-पिता का वेतन अवैध रूप से लिया। उन्होंने कलेक्टर से दरोगा और स्वास्थ्य अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई, उनके माता-पिता के वेतन और हाजिरी रजिस्टर की जांच, तथा सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी दिलाने की मांग की।
विशाल ने चेतावनी दी कि अगर न्याय नहीं मिला, तो वे नगर पालिका के बाहर प्रदर्शन कर घेराव करेंगे और इसके कारण होने वाली सभी परेशानियों की जिम्मेदारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी की होगी।