मुरैना। खुर्द गांव से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां नियमों की रखवाली करने वाला विभाग ही नियमों को ताक पर रखता नजर आ रहा है। मामला चंबल नदी के अवैध रेत से जुड़ा है, जिसका इस्तेमाल कथित तौर पर खुद वन विभाग की निर्माणाधीन चौकी में किया जा रहा है।
बता दे कि मुरैना जिले के नेशनल हाईवे 552 पर स्थित खुर्द गांव में सड़क किनारे एक वन चौकी का निर्माण कार्य चल रहा है। आरोप है कि इस निर्माणाधीन वन चौकी में चंबल नदी से निकाली गई अवैध रेत का धड़ल्ले से उपयोग किया जा रहा है।
जब मीडिया टीम मौके पर पहुंची तो निर्माण स्थल पर चंबल नदी की रेत का भंडारण साफ तौर पर दिखाई दिया। इतना ही नहीं, निर्माण में घटिया किस्म की ईंटों के इस्तेमाल के भी आरोप लगाए जा रहे हैं।
यहां एक कहावत चरितार्थ होती नजर आ रही है - “हम करें तो लीला, और करें तो चोरी।” चंबल में अवैध रेत खनन को रोकने के लिए शासन द्वारा टास्क फोर्स का गठन किया गया है, लेकिन आरोप है कि इसी वन विभाग द्वारा नियमों को दरकिनार कर अपनी ही चौकी का निर्माण कराया जा रहा है।बताया गया कि इससे पहले भी नवलपुरा बीट क्षेत्र में बनी एक वन चौकी के निर्माण में अवैध चंबल रेत और घटिया निर्माण सामग्री के उपयोग का वीडियो वायरल हुआ था, लेकिन उस मामले में भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
बताया जा रहा है कि इस पूरे मामले को लेकर कई बार मुरैना के डीएफओ कार्यालय में शिकायतें की गईं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति ही की गई। “सरकार अवैध रेत खनन रोकने की बात करती है, लेकिन यहां खुद विभाग के लोग नियम तोड़ रहे हैं।
अब सवाल यह उठता है कि क्या देवरी घड़ियाल टास्क फोर्स अवैध चंबल रेत के इस्तेमाल पर कोई कार्रवाई करेगी, या फिर यह मामला भी फाइलों में ही दबकर रह जाएगा। वही इस मामले में संबंधित अधिकारी के द्वारा बताया गया कि अगर चंबल नदी का रेत लगाया जा रहा है तो संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।