भोपाल। नक्सलवाद से प्रभावित रहे क्षेत्रों में विकास और जनकल्याण की गतिविधियां इस प्रकार संचालित की जाएं, ताकि नक्सलवाद पुनः अंकुरित ना हो। ये बात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को पुलिस मुख्यालय (पीएचक्यू) में कही। वे डिसेमिनेशन ऑफ आउटकम्स विषय पर आयोजित स्टेट लेवल कॉन्फ्रेंस में शामिल होने पीएचक्यू पहुंचे हैं।
मुख्यमंत्री के पुलिस मुख्यालय आगमन पर उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। डॉ. यादव ने सलामी गार्ड का निरीक्षण भी किया। इसके बाद मध्यप्रदेश में अपराध अनुसंधान को तकनीकी मजबूती देने के लिए तैयार की गई मोबाइल फॉरेंसिक वैन का फ्लैग-ऑफ किया। इससे प्रदेश में अपराध अनुसंधान, साक्ष्य संकलन और वैज्ञानिक विवेचना की क्षमता को नई मजबूती मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ते हुए शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि दी। वहीं नक्सलवाद के खात्मे पर बधाई देते हुए कहा कि विधानसभा के विशेष सत्र में पुलिस फोर्स की सराहना हुई है।
57 मोबाइल फॉरेंसिक वैन दीं
मध्यप्रदेश पुलिस को 57 मोबाइल फॉरेंसिक वैन उपलब्ध कराई जा रही हैं। इन वैन की लागत 36 करोड़ 94 लाख 17 हजार 969 रुपए है, जो केंद्र सरकार द्वारा दी गई हैं। वैनों का क्रय आदेश नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी (एनएफएसयू) गांधीनगर को जारी किया गया। इनमें से 14 वैन 16 दिसंबर 2025 को मिल चुकी हैं।
उन्नत उपकरणों से लैस वैन
मोबाइल फॉरेंसिक वैन अत्याधुनिक उपकरणों से सुसज्जित हैं, जिनमें स्टीरियो माइक्रोस्कोप, वेइंग बैलेंस, डीएसएलआर कैमरा, मिनी फ्रिज, एलईडी टीवी स्क्रीन, थर्मल प्रिंटर और बॉडी-वॉर्न कैमरा मौजूद है। इसके अतिरिक्त प्रत्येक वैन में जांच किट, अपराध स्थल सुरक्षा किट, फिंगरप्रिंट, रक्त व बाल पहचान, हाई-इंटेंसिटी फॉरेंसिक लाइट सोर्स, पैर व टायर निशान, आगजनी और विस्फोटक पहचान किट, डीएनए कलेक्शन एवं चेन ऑफ कस्टडी किट भी उपलब्ध हैं। यह पहल फॉरेंसिक-आधारित, त्वरित और सटीक विवेचना को बढ़ावा देगी। इससे अपराधों के शीघ्र खुलासे, दोषसिद्धि दर में वृद्धि और नागरिकों में सुरक्षा का भरोसा सुदृढ़ होगा।
डीजीपी ने दी रायपुर में आयोजित डीजी-आईजी सम्मेलन की जानकारी
पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में रायपुर में नवंबर 2025 में हुए डीजी-आईजी के अखिल भारतीय सम्मेलन में आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। मकवाना ने आंतरिक सुरक्षा और कानून व्यवस्था, पुलिस आधुनिकीकरण, महिला सुरक्षा, पुलिस थाना परिसरों के पुनर्विकास, सिंहस्थ 2028 और साइबर इनीशिएटिव्स, पुलिसिंग में तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग सहित अन्य मुद्दों की जानकारी दी। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव गृह शिव शेखर शुक्ला तथा वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित हैं।