शाजापुर। कहते हैं डॉक्टर भगवान का रूप होते हैं कुछ ऐसा ही साबित किया है शाजापुर जिला अस्पताल में पदस्थ डॉक्टर तेजपाल सिंह जादौन ने जहां एक पांच वर्षीय बच्चे ने खेलकूद के दौरान ₹5 का सिक्का निगल लिया परिस्थितियों इतनी विपरीत हुई कि बच्चे की जान पर बन आयी ओर सिक्का बच्चे के गले में फस गया पर मामले में देवदूत बने जिला अस्पताल में पदस्थ डॉक्टर तेजपाल सिंह जादौन जहां उन्होंने कड़ी मशक्कत के बाद 3 वर्षीय बच्चे के गले से ₹5 का सिक्का बाहर निकाला ओर बच्चा सुरक्षित है जहां एक और जिला अस्पताल अक्सर विवादों में रहता है यहां पर पदस्थ डॉक्टर तेजपाल सिंह जादौन के अथक प्रयासों से नन्हे मुन्ने बच्चे की जान बची।
कहते हैं बच्चे भगवान का रूप है एवं डॉक्टर भगवान है यह इन पत्तियों को सार्थक किया है डॉक्टर तेजपाल सिंह जादौन ने कड़ी मशक्कत कर शिशु के गले से पांच का सिक्का बाहर निकाल उसके बाद डॉक्टर का कहना है कि बच्चे पूरी तरह से सुरक्षित हैं मामले में बच्चों के परिजनों ने कहा कि हम तो आज खो बैठे थे लेकिन कहते हैं कि डॉक्टर ही भगवान है इस पंक्ति को चरितार्थ किया है तेजपाल सिंह जादौन ने फिलहाल बच्चों की स्थिति सामान्य है एवं जिला अस्पताल में उपचार रहते हैं।