भोपाल। अयोध्या बायपास को 10 लेन में तब्दील करने के लिए 7871 पेड़ों को काटने पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) रोक लगा दी गई है। अगली सुनवाई 8 जनवरी को होगी। इससे पहले पेड़ों को कटने से बचाने के लिए गुरुवार को लोग सड़क पर उतर गए। कई लोग मास्क पहने पहुंचे। उन्होंने कहा कि इन पेड़ों को बचा लें, वरना हरियाली नष्ट हो जाएगी और मास्क लगाने की नौबत आ जाएगी।
प्रदर्शन के दौरान कई लोग अर्द्धनग्न भी हो गए। उन्होंने जिन पेड़ों को अब तक काटा गया, उन्हें अगरबत्ती लगाकर श्रद्धांजलि अर्पित की। पर्यावरणविद् सुभाष पांडे, उमाशंकर तिवारी, याचिका लगाने वाले नितिन सक्सेना, सुयश कुलश्रेष्ठ, राशिद नूर समेत कई लोगों ने कहा कि जिन पेड़ों को एनएचएआई नगर निगम के जरिए काट रहा है, उनकी उम्र 40 से 80 साल तक है। भले ही 81 हजार पौधे रोपने का दावा किया जा रहा हो, लेकिन इन पौधों को पेड़ बनने में सालों लग जाएंगे। ऐसे में एनएचएआई 10 की बजाय सिक्सलेन बनाने पर जोर दें। जिससे हरियाली नहीं उजड़ेंगी और सड़क भी चौड़ी हो जाएगी।
पूर्व मंत्री पीसी शर्मा के साथ बड़ी संख्या में कांग्रेसी पहुंचे और उन्होंने भी पेड़ों के काटे जाने का विरोध जताया। इस दौरान कई लोग पेड़ों से भी चिपक गए। इनमें नन्हें बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक शामिल थे।
2 मिनट का मौन धारण भी किया
पर्यावरणविद् तिवारी ने कहा कि पूरे देश में 66 प्रतिशत जिले प्रदूषण के कारण बहुत बुरी हालत में है। प्रदूषण से लोगों का जीना मुश्किल होता जा रहा है। दिल्ली की तरह भोपाल में भी बढ़ती गाड़ी, फैक्ट्री, कचरा-पटाखे जलाने से पहले ही बहुत प्रदूषण है। उसके बाद हरियाली उजाड़ दी जाएगी तो यह गंभीर संकट आम जनजीवन के लिए भारी पड़ जाएगा। कैंसर जैसी बीमारी तेजी से फैल रही है। इसलिए सरकार को पेड़ काटने का निर्णय वापस लेकर ऐसा विकास नहीं करना चाहिए।