BREAKING NEWS
SHOK SAMACHAR : नहीं रही कैलाशी बाई सेन, परिवार में शोक.. <<     BIG NEWS : त्योहारों से पहले गरोठ में प्रशासन की.. <<     KHABAR : रोशनी के पर्व पर नीमच के प्रशासनिक मुखिया.. <<     BIG NEWS : नीमच में अवैध शराब के कारोबार पर आबकारी.. <<     KHABAR : दीपावली पर्व को लेकर शाजापुर पुलिस पूरी.. <<     KHABAR : मुरैना में मुख्यमंत्री मोहन यादव का एक.. <<     KHABAR : कलेक्टर हिमांशु चंद्रा की अध्यक्षता में.. <<     KHABAR : दीपों के महापर्व पर जनप्रतिनिधियों का.. <<     KHABAR : स्वामित्व अभिलेख पंजीयन में शत-प्रतिशत.. <<     KHABAR : ​​​​​​​धनतेरस और दीपोत्सव पर प्रभारी.. <<     BIG NEWS : टीएल में पहुंची शिकायत तो हरकत में आया.. <<     KHABAR : मलेरिया के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग का.. <<     त्योहारों से पहले देवास में मिलावटखोरों पर.. <<     KHABAR : धनतेरस पर दमका बाजार, ग्राहकों से गुलजार.. <<     KHABAR : मुरार जिला अस्पताल के आउटसोर्स सफाई.. <<    
वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन के लिए..
January 18, 2026, 12:15 pm
KHABAR : मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर शिप्रा नदी के घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़, सुबह से ही आस्थावान भक्त पुण्यस्नान, पढे़ खबर 

Share On:-

उज्जैन। माघ मास के कृष्ण पक्ष की मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर शिप्रा नदी के घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। रामघाट सहित अन्य प्रमुख घाटों पर सुबह से ही आस्थावान भक्त पुण्यस्नान कर मोक्ष की कामना करते नजर आए।


इस विशेष पर्व पर बच्चे, युवा और बुजुर्ग अपने परिवारों के साथ घाटों पर स्नान करते दिखाई दिए। अनुमान है कि सुबह से दोपहर तक हजारों श्रद्धालुओं ने शिप्रा में आस्था की डुबकी लगाई।


मौनी अमावस्या का दिन पितरों से जुड़ा
पुजारी राकेश जोशी ने बताया कि इस वर्ष मौनी अमावस्या रविवार के दिन पड़ने से इसका विशेष महत्व है, क्योंकि रविवार सूर्य का दिन माना जाता है। जो श्रद्धालु मकर संक्रांति पर दान नहीं कर पाए, वे इस दिन दान-पुण्य करते हैं।


उन्होंने यह भी बताया कि मौनी अमावस्या का दिन पितरों से जुड़ा हुआ माना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु और पितरों की पूजा का विशेष महत्व होता है। श्रद्धालु मौन रहकर तप करते हैं, दान करते हैं और ब्राह्मणों को भोजन कराते हैं। अमावस्या तिथि के प्रमुख देवता पितृदेव यानी पूर्वज माने जाते हैं।


पुजारी जोशी के अनुसार, इस दिन विशेष रूप से भगवान शिव, माता पार्वती एवं मां काली की पूजा की जाती है। यह तिथि सूर्य और चंद्रमा के मिलन का समय होती है, ऐसे में कई नकारात्मक शक्तियां भी सक्रिय मानी जाती हैं, इसलिए श्रद्धालु पूजा-पाठ और संयम का पालन करते हैं।

VOICE OF MP
एडिटर की चुनी हुई ख़बरें आपके लिए
SUBSCRIBE