चित्तौड़गढ़। प्रताप नगर स्थित ब्रह्माकुमारीज सेवा केंद्र पर ब्रह्माकुमारी संस्थान के साकार संस्थापक प्रजापिता ब्रह्मा बाबा का 57वां पुण्य स्मृति दिवस विश्व शांति दिवस के रूप में श्रद्धा और भावपूर्ण वातावरण में मनाया गया। यह दिवस पूरे विश्व में विश्व शांति के संदेश के साथ मनाया जा रहा है।
सेवा केंद्र की संचालिका राजयोगिनी आशा दीदी ने बताया कि ब्रह्मा बाबा का जन्म भारत के सिंध प्रांत के हैदराबाद में हुआ था। वे दादा लेखराज के नाम से प्रसिद्ध एक प्रतिष्ठित जौहरी थे। वे नियमित रूप से श्रीमद्भगवद्गीता का पाठ करते थे और श्री नारायण के परम भक्त थे। भक्ति के फलस्वरूप उन्हें अनेक दिव्य साक्षात्कार हुए, जिनसे उनके जीवन में अद्भुत, अविस्मरणीय और आध्यात्मिक परिवर्तन आए।
आशा दीदी ने कहा कि राजसी ठाठ-बाट में रहने वाले दादा लेखराज ने अपना तन, मन, धन और सभी संबंध जन-जन की आध्यात्मिक सेवा में समर्पित कर दिए। उन्हें अलौकिक नाम प्रजापिता ब्रह्मा प्राप्त हुआ और वे ब्रह्माकुमारी संस्था के मुख्य संस्थापक बने। कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारी सुमन दीदी एवं ज्योति दीदी ने ब्रह्मा बाबा के जीवन चरित्र पर प्रकाश डाला। वहीं अनीता दीदी ने ब्रह्मा बाबा की शिक्षाओं को जीवन में अपनाने का संकल्प दिलाया।
इस अवसर पर महेश गोयल जेकेजीएम सेवानिवृत्त, मनोज मेनारिया (पार्षद), देवेश बंसलराजकीय सांवरिया हॉस्पिटल, मेडिकल इंचार्ज, रेलवे गार्ड बीके बाल किशन भाई, वरिष्ठ कृषि अधिकारी मदनलाल धाकड़ एवं रेलवे से रिटायर्ड सुभाष भाई, मनोज भाई, पतंजलि से सरस्वती शर्मा सहित अनेक गणमान्य नागरिकों ने ब्रह्मा बाबा को श्रद्धा सुमन अर्पित किए।
सभी उपस्थितजनों ने अपने जीवन में एक ऐसा संकल्प लिया, जिससे वे ब्रह्मा बाबा समान श्रेष्ठ, पवित्र और सेवाभावी जीवन जी सकें तथा विश्व शांति की स्थापना में योगदान दे सकें।