नीमच। जिले में गिलियन बैरे सिंड्रोम (जीबीएस) संक्रमण को लेकर हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। मनासा के बाद अब नीमच शहर में भी इस बीमारी के संदिग्ध मामले सामने आने लगे हैं। चावला कॉलोनी और बगीचा नंबर- 13 क्षेत्र से जीबीएस से मिलते-जुलते लक्षणों वाले मामलों की जानकारी मिली है, हालांकि चावला कॉलोनी के मामले की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हो पाई है।

इसी बीच बगीचा नंबर- 13 निवासी 65 वर्षीय गुलाब सिंह जादौन के जीबीएस से पीड़ित होने की पुष्टि ने चिंता बढ़ा दी है। परिजनों के अनुसार गुलाब सिंह 25 दिसंबर से बीमार थे और 31 दिसंबर को उदयपुर में जांच के दौरान जीबीएस की पुष्टि हुई। इलाज के दौरान उन्हें अब तक आईवीआईजी के 25 इंजेक्शन लगाए जा चुके हैं।

फिलहाल गुलाब सिंह जादौन का उपचार एक निजी चिकित्सालय में जारी है और वे फिजियोथैरेपी भी ले रहे हैं। परिजनों ने बताया कि अब तक इलाज में करीब 5 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं। उनके पुत्र अजय जादौन, जो एक सामान्य ऑपरेटर हैं, के लिए यह खर्च उठाना कठिन हो गया है और परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहा है।

जीबीएस संक्रमण की सूचना मिलने पर नगर पालिका नेता प्रतिपक्ष योगेश प्रजापति पीड़ित के निवास पर पहुंचे और परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने राज्य सरकार से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने तथा नीमच जिले में जीबीएस की रोकथाम, जांच और उपचार के लिए ठोस व्यवस्था करने की मांग की।

विशेषज्ञ सुविधाओं के अभाव में मरीजों को बाहर रेफर किया जा रहा है, जिससे स्थानीय स्तर पर विशेषज्ञ टीम, जांच सुविधाएं और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने की आवश्यकता महसूस की जा रही है। नीमच में जीबीएस के बढ़ते मामलों ने समय रहते प्रभावी कदम उठाने की जरूरत को स्पष्ट कर दिया है, हालांकि प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
