नीमच। स्कूलों एवं आंगनबाड़ियों मेंमहिला स्व सहायता समूह द्वारा संचालितमध्य भोजन एवं पूरक पोषण आहार देने का कार्य कर रहेस्व सहायता समूहको बार-बार अनुबंध नवीनीकरण के नाम से परेशान किया जा रहा है वर्तमान समय में जहां महंगाई की मार को देखते हुए बहुत ही कम राशि में भोजन व्यवस्था को संचालित किया जा रहा है ना समय पर राशि है ना ही रसोइया का मानदेय और इतने कम वेतन में जहां रसोइयों बहने भोजन संचालित करने को मजबूर है उसके ऊपर भी मनासा तहसील में स्वयं सहायता समूह को अनुबंध के नाम पर परेशान किया जा रहा है अनुबंध जनपद पंचायत के माध्यम से बनाए जाएंगे यह कहकर जब जनपद पंचायत में भेजा जाता है तो वहां पर अलग से लोन लेने की बात कही जाती है सभी स्वयं सहायता समूह को लोन लेना अनिवार्य है अन्यथा उनका स्कूलों में मध्यान भोजन संचालक बंद किया जाएगा इस प्रकार की जानकारी वहां से दी जा रही है जो अनुचित है ऐसी स्थिति में एक तरफ तहसील समन्वयक कार्यालय द्वारा अलग बात कही जाती है वह जनपद द्वारा अलग बात कही जा रही है और स्वयं सहायता समूह को परेशान किया जाता है जहां पर भोजन संचालन के लिए स्वयं सहायता समूह के पास राशि उपलब्ध नहीं है वहां पर दो ₹2000 अनुबंध के नाम से लिए जा रहे हैं जहां पर 26 जनवरी पर विशेष भोजन देने के लिए समूह बाध्य है अलग से अनुबंध का भार उनके ऊपर डाला जा रहा है एमडीएम की इस योजना को किस तरह संचालित करें कोई सुनने वाला नहीं है प्रशासन और अधिकारी अपनी मनमर्जी कर रहे हैं और समूह को परेशान कर रहे हैं अगर ऐसी स्थिति रही तो सभी समूह हड़ताल पर जाने के लिए बाध्य है अतःमहिला स्वयं सहायता समूह संगठन के प्रदेश सचिव आरती -संजय जैन द्वारा उक्त जानकारी देकर बताया गया है कि विभाग द्वारा प्रतिवर्ष बार-बारअनुबंध नवीनीकरण के नाम से महिला स्वयं सहायता समूह को बेवजह परेशान करना बंद करेंअन्यथा सभी समूह की महिलाएं हड़ताल करने को मजबूर होगीजिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी।