नीमच। मध्यप्रदेश शासन की मंशा के अनुरूप प्रदेश के समस्त ग्रामों को आगामी तीन वर्षों में चरणबद्ध तरीके से क्षीर धारा ग्राम बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इस अभियान के प्रथम चरण में जिले के 104 चयनित ग्रामों में पशुओं का शत-प्रतिशत टीकाकरण, टैगिंग, कृत्रिम गर्भाधान एवं कवरेज का कार्य किया जा रहा है।
कलेक्टर हिमांशु चंद्रा के निर्देशन में क्षीर धारा ग्रामों में आत्मा योजना के अंतर्गत पशुपालक जागरूकता शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में ग्राम जूनी बावल, छायन एवं ग्वाल तालाब में आत्मा परियोजना के सहयोग से जागरूकता शिविर सम्पन्न हुए।
इन शिविरों में पशु प्रजनन कार्यक्रम अधिकारी डॉ. संदीप शर्मा, विकासखण्ड पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. मीनल पाटनी तथा डॉ. सी.एल. मालवीय द्वारा पशु स्वास्थ्य, संतुलित पशुपोषण एवं नस्ल सुधार के माध्यम से आय वृद्धि के उपायों की जानकारी दी गई।
उप संचालक पशुपालन डॉ. राजेश पाटीदार ने बताया कि जिले के प्रत्येक विकासखण्ड में पाँच-पाँच पशुपालक जागरूकता शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। कलेक्टर के निर्देशानुसार इन शिविरों में जिले के सफल पशुपालकों को भी आमंत्रित किया जा रहा है, जो अपने अनुभव और सफलता की कहानियां अन्य पशुपालकों के साथ साझा कर रहे हैं।
इसी क्रम में क्षीर धारा ग्राम छायन, ग्वाल तालाब एवं जूनी बावल में आयोजित परिचर्चा में उदाहरणीय पशुपालक भोपालसिंह, परमेश्वर धाकड़, कृष्णकांत, सोनू एवं अनिल पाटीदार ने विभागीय अधिकारियों के साथ पशु पोषण, पशु स्वास्थ्य एवं नस्ल सुधार विषयों पर अपने अनुभव साझा किए।