नीमच। शहर में नागरिकों को लंबे समय से गंदा व दूषित पानी सप्लाई किए जाने का गंभीर मामला अब न्यायालय की चौखट तक पहुंच गया है। इस जनहित के मुद्दे को लेकर अधिवक्ता वसीम नाज पठान द्वारा, अधिवक्ता अशोक सोनी के माध्यम से नीमच न्यायालय में जनहित याचिका दायर की गई है। यह याचिका 21 जनवरी 2026 को प्रथम जिला एवं सत्र न्यायाधीश राकेश कुमार शर्मा के समक्ष प्रस्तुत की गई, जिस पर न्यायालय ने गंभीरता दिखाते हुए तत्काल संज्ञान लिया।
याचिका में उल्लेख किया गया है कि नगर पालिका नीमच द्वारा नागरिकों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के स्थान पर गंदा, बदबूदार एवं स्वास्थ्य के लिए हानिकारक पानी सप्लाई किया जा रहा है। इससे आमजन के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है और लोगों को पेट संबंधी बीमारियों सहित अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायालय ने नीमच नगर पालिका एवं कलेक्टर नीमच को नोटिस जारी करते हुए 24 जनवरी 2026 तक जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि कोई अन्य नागरिक भी इस समस्या से प्रभावित है, तो वह लिखित शिकायत प्रस्तुत कर इस जनहित याचिका में पक्षकार बन सकता है।
उल्लेखनीय है कि नीमच शहर में गंदे पानी की आपूर्ति को लेकर लंबे समय से नागरिकों में आक्रोश व्याप्त है। बार-बार की शिकायतों के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हो सका है। ऐसे में पहली बार इस गंभीर मुद्दे का न्यायालय तक पहुंचना नगर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अब शहरवासियों की निगाहें न्यायालय के आगामी आदेश और नगर प्रशासन की जवाबदेही पर टिकी हुई हैं।