रतलाम। दिलावर लाला से जुड़े एमडी (MD) फैक्ट्री प्रकरण को लेकर सोशल मीडिया एवं कुछ माध्यमों में सब-इंस्पेक्टर रउफ़ खान के फरार होने, उनकी वर्दी व आईडी मिलने जैसी खबरें प्रसारित की जा रही हैं। इन चर्चाओं के बीच जब सब-इंस्पेक्टर रउफ़ खान से सीधे संपर्क किया गया, तो उन्होंने पूरे मामले से किसी भी प्रकार का संबंध होने से स्पष्ट रूप से इनकार किया।
रउफ़ खान ने बताया कि वे फरार नहीं हैं और हाल ही में शासकीय कार्य से नीमच न्यायालय में उपस्थित होकर लौटे हैं। उन्होंने कहा कि विभाग की ओर से इस संबंध में कोई भी आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है तथा एमडी फैक्ट्री प्रकरण से उनका कोई लेना-देना नहीं है। उनके खिलाफ फैलाई जा रही खबरें पूरी तरह निराधार हैं।
वर्दी मिलने के दावों को लेकर उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस वर्दी केवल शर्ट नहीं होती, बल्कि पेंट, बेल्ट, जूते, टोपी, बैज, स्टार सहित पूरी किट होती है। वायरल तस्वीरों में दिखाई जा रही शर्ट अपूर्ण, पुरानी एवं हाफ आस्तीन की है, जबकि वे हाफ आस्तीन की वर्दी का उपयोग नहीं करते।
नेम प्लेट के संबंध में उन्होंने कहा कि वायरल फोटो में “R Khan” लिखा है, जबकि उनकी नेम प्लेट पर “मो. रउफ़ खान” अथवा “रउफ़ खान” अंकित रहती है।
आईडी कार्ड को लेकर उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में फोटो के आधार पर कूट-रचित आईडी बनाना संभव है। पुलिस आईडी के फोटो गूगल सहित अन्य प्लेटफॉर्म पर भी उपलब्ध रहते हैं, जबकि असली पुलिस आईडी कई टोल नाकों पर स्कैन की जाती है। उनकी मूल आईडी उनके पास सुरक्षित है।
एनडीपीएस मामलों को लेकर रउफ़ खान ने दोहराया कि उनका रिकॉर्ड हमेशा अपराध-विरोधी रहा है। उन्होंने स्वयं एनडीपीएस एक्ट के तहत जावरा न्यायालय में अपराध क्रमांक 379/2025 दर्ज कराया है। मध्यप्रदेश में एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत सर्वाधिक प्रकरण दर्ज करने वाले अधिकारियों में उनका नाम शामिल है। इसी सख्त एवं प्रभावी कार्यशैली के लिए उन्हें कई पुरस्कारों के साथ प्रतिष्ठित “रुस्तमजी अवार्ड” से भी सम्मानित किया गया है।
उनका कहना है कि जिसने स्वयं नशे के कारोबारियों के खिलाफ न्यायालय में परिवाद प्रस्तुत किया हो, उस पर अपराधियों का साथ देने का आरोप भ्रामक और दुर्भावनापूर्ण है।
प्रस्तुत तथ्यों के आधार पर एमडी फैक्ट्री मामले में सब-इंस्पेक्टर रउफ़ खान को लेकर फैलाई जा रही फरारी व संलिप्तता की खबरें अपुष्ट एवं अफवाह प्रतीत होती हैं।