भोपाल। कांग्रेस और एआईएमआईएम के नेताओं की प्रस्तावित बैठक को लेकर राजनीति गरमा गई है। बीजेपी के प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने एक पत्र सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए दिग्विजय सिंह के बयान पर पलटवार किया।
बीजेपी द्वारा साझा किए गए पत्र के अनुसार, मध्यप्रदेश महिला कांग्रेस (शहर) भोपाल की ओर से पुलिस प्रशासन को एक सूचना पत्र दिया गया है, जिसमें कांग्रेस विधायक आतिफ अकील, एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष मोहसिन अली खान, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव सुफियान कुरैशी, पूर्व महापौर दीपचंद्र यादव और अन्य राजनीतिक व्यक्तियों के साथ बैठक की जानकारी दी गई है। पत्र में कार्यक्रम के लिए पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है।
बीजेपी ने कहा ये सांठगांठ का सबूत
आशीष अग्रवाल ने इस पत्र को कांग्रेस और एआईएमआईएम के बीच साठगांठ का “लिखित प्रमाण” बताते हुए कहा कि कांग्रेस सार्वजनिक रूप से एआईएमआईएम से दूरी बनाने का दावा करती है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है।
आशीष अग्रवाल ने लिखा-
जब कांग्रेस के विधायक खुलेआम एआईएमआईएम नेताओं के साथ बैठक कर रहे हैं, तो फिर यह सवाल स्वाभाविक है कि असली मिलीभगत किसकी है। जनता सब देख रही है।
बीजेपी ने यह भी कहा कि कांग्रेस लगातार यह आरोप लगाती रही है कि बीजेपी और एआईएमआईएम एक-दूसरे से मिले हुए हैं, लेकिन अब सामने आए दस्तावेज़ ने कांग्रेस की कथनी और करनी के फर्क को उजागर कर दिया है।
दिग्विजय सिंह के बयान पर दिया जवाब
दरअसल पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने बुधवार को बीना में कहा था कि “बीजेपी-आरएसएस हिंदुओं को डराती है और ओवैसी मुसलमानों को। बीजेपी कहती है हिंदू खतरे में हैं और ओवैसी कहते हैं मुसलमानों को खतरा है। दोनों मिलकर राजनीति का खेल खेलते हैं। न हिंदुओं को खतरा है, न मुसलमानों को।”
उन्होंने आगे कहा कि “सावरकर और मोहम्मद अली जिन्ना के दौर में देश का बंटवारा हुआ था, अब मोहल्लों का बंटवारा हो रहा है। शहरों में हिंदू और मुसलमान अलग-अलग मोहल्लों में सिमटते जा रहे हैं, जो देश के लिए खतरनाक है।”
दिग्विजय सिंह ने अपने भाषण में यह भी कहा कि “हम सब भारतीय हैं। सबका मालिक एक है और देश संविधान से चलता है।”