नीमच। आशा एवं आशा पर्यवेक्षक एकता यूनियन (सीटू) के नेतृत्व में बुधवार को आशा कार्यकर्ताओं एवं पर्यवेक्षकों ने सात माह से वेतन लंबित रहने के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने रैली निकालते हुए मुख्य स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी दिनेश प्रसाद को ज्ञापन सौंपा तथा केंद्र सरकार के बजट के विरोध में बजट प्रतियों का दहन कर आक्रोश व्यक्त किया।

यूनियन की जिला अध्यक्ष कृष्णा कांटे, महासचिव रेखा व्यास एवं उपाध्यक्ष कांता अहीर ने बताया कि आशा कार्यकर्ताओं और पर्यवेक्षकों को जुलाई 2025 से नियमित वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। बीच में केवल दो माह का भुगतान हुआ, इसके बाद से वेतन अटका हुआ है। लगातार वेतन नहीं मिलने से कार्यकर्ताओं को गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है और दैनिक जरूरतें पूरी करना भी कठिन हो गया है।

ज्ञापन में मांग की गई कि प्रत्येक माह की 5 तारीख तक वेतन का नियमित भुगतान सुनिश्चित किया जाए। ज्ञापन का वाचन रेखा आर्य द्वारा किया गया।

प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय बजट को लेकर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि बजट में आशा एवं आशा पर्यवेक्षक कर्मियों के वेतन में वृद्धि एवं सामाजिक सुरक्षा को लेकर कोई ठोस प्रावधान नहीं किया गया है। साथ ही स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी योजनाओं के निजीकरण के प्रयासों का भी विरोध किया गया।

इस अवसर पर सीटू के प्रदेश सचिव शैलेंद्र सिंह ठाकुर, जिला महासचिव सुनील शर्मा, जिला कोषाध्यक्ष मुकेश नागदा, जिला कार्यकारी महासचिव पंकज नागदा सहित अनेक पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ता एवं पर्यवेक्षक उपस्थित रहे।
