नीमच। कनावटी पुलिस लाइन में पदस्थ हेड कांस्टेबल होशियार सिंह द्वारा जहरीला पदार्थ सेवन कर आत्महत्या किए जाने की घटना से पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। मृतक द्वारा छोड़े गए सुसाइड नोट में विभागीय प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए जाने से मामला और अधिक संवेदनशील हो गया है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी निमेष अग्रवाल सोमवार को नीमच पहुंचे। उन्होंने पुलिस अधीक्षक सहित वरिष्ठ अधिकारियों के साथ पूरे घटनाक्रम की समीक्षा कर निष्पक्ष एवं तथ्यात्मक जांच के निर्देश दिए।
मीडिया से चर्चा में डीआईजी निमेष अग्रवाल ने बताया कि जहरीला पदार्थ सेवन से हुई मृत्यु के मामले में मर्ग कायम कर लिया गया है और प्रकरण की गहन जांच की जा रही है। सुसाइड नोट में उल्लिखित प्रत्येक बिंदु का सूक्ष्म विश्लेषण किया जाएगा। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
डीआईजी ने बताया कि मृतक के परिजन एवं पुलिस परिवार के सदस्य उनसे मिले हैं। उन्होंने ड्यूटी व्यवस्था, स्वास्थ्य संबंधी दबाव और फील्ड में आ रही व्यावहारिक समस्याओं को सामने रखा है। इन विषयों पर विभागीय स्तर पर आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया गया है।
शव को परिजनों के अंतिम दर्शन से पहले पुलिस लाइन से जल्द रवाना किए जाने को लेकर उठे सवाल पर डीआईजी ने कहा कि यह बिंदु भी जांच के दायरे में है और पूरे घटनाक्रम से जुड़े सभी तथ्यों व साक्ष्यों की पड़ताल की जा रही है।
इधर, पुलिस लाइन में आयोजित प्रार्थना सभा के पश्चात पुलिस परिवार के सदस्य डीआईजी से मिलने पहुंचे। इस दौरान पुलिस कर्मियों की महिलाओं ने भी एसपी कार्यालय पहुंचकर अपनी समस्याएं रखीं। उन्होंने स्वर्गीय होशियार सिंह के बच्चों के भरण-पोषण, अनुकंपा नियुक्ति तथा पुलिसकर्मियों की कार्य परिस्थितियों से जुड़ी मांगें उठाईं और प्रकरण की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई।
घटना के बाद से पुलिस लाइन सहित विभागीय हलकों में शोक, आक्रोश और चिंता का माहौल बना हुआ है।