प्रतापगढ़। शहर के युवा इतिहासकार डॉ. मिहिर राकेश बोराणा की पुस्तक “हिमाचल प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत” का भव्य विमोचन हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर में आयोजित समारोह में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा द्वारा किया गया। यह कार्यक्रम ठाकुर रामसिंह जी की 111वीं जयंती के अवसर पर आयोजित हुआ, जिसमें लोकसभा सांसद अनुराग ठाकुर एवं राज्यसभा सांसद सिकंदर कुमार विशेष रूप से उपस्थित रहे। आयोजन ठाकुर रामसिंह इतिहास शोध संस्थान द्वारा किया गया।
पुस्तक पर डॉ. मिहिर राकेश बोराणा एवं डॉ. बारूराम ठाकुर ने संयुक्त रूप से कार्य किया है। विमोचन समारोह में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सुरेश सोनी, हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल, पद्मश्री सम्मानित प्रेमलाल गौतम, भारतीय विद्या भवन (नई दिल्ली) की अधिष्ठाता प्रो. शशिबाला, कांगड़ा राजपरिवार से शैलजा कटोच, प्रो. भागचंद चौहान तथा डॉ. चेतराम गर्ग ने संयुक्त रूप से पुस्तक का लोकार्पण किया।
वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि यह पुस्तक हिमाचल प्रदेश की लोक-संस्कृति, लोकदेव परंपरा, मेले-त्योहार, लोकनृत्य, लोकनाट्य, पारंपरिक वेशभूषा, स्थापत्य कला एवं सामाजिक-सांस्कृतिक संरचना का गहन और शोधपरक अध्ययन प्रस्तुत करती है। उन्होंने कहा कि ठाकुर रामसिंह जी की जयंती पर इस पुस्तक का प्रकाशन उनके इतिहास-साधना के कार्य को सच्ची श्रद्धांजलि है।
उल्लेखनीय है कि डॉ. मिहिर राकेश बोराणा ने स्नातकोत्तर की उपाधि काशी हिन्दू विश्वविद्यालय से तथा पीएच.डी. हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय से प्राप्त की है। वर्तमान में वे भारतीय ऐतिहासिक अनुसंधान परिषद द्वारा वित्तपोषित परियोजना “हिमाचल प्रदेश का वृहद इतिहास” में सहायक शोध अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं।
प्रतापगढ़ जिले के लिए यह गौरव का विषय है कि यहां का एक युवा शोधकर्ता राष्ट्रीय स्तर पर इतिहास एवं संस्कृति के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।