नीमच। शहर में दिनदहाड़े 65 ग्राम सोना चोरी होने की कथित सनसनीखेज वारदात का पुलिस ने कुछ ही घंटों में पर्दाफाश कर दिया। जिस मुनीम ने जेब से सोना पार होने की कहानी सुनाकर हड़कंप मचा दिया था, वही इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड निकला। खास बात यह रही कि इस मामले में ‘वॉइस ऑफ एमपी’ ने शुरुआती स्तर पर ही घटना को संदिग्ध बताते हुए सच्चाई की ओर इशारा कर दिया था। बाद में पुलिस अधीक्षक द्वारा किए गए आधिकारिक खुलासे ने इस खबर पर मुहर लगा दी।

पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित प्रेस वार्ता में पुलिस अधीक्षक अंकित जायसवाल ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लगभग 12 लाख रुपये मूल्य का 65 ग्राम सोना बरामद कर लिया गया है।

मामला थाना नीमच केंट क्षेत्र का है। 2 मार्च 2026 को मंगलम ज्वेलर्स के संचालक मनीष सिंघल ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनके यहां कार्यरत मुनीम दिलखुश नागदा 65 ग्राम टंच सोना लेकर लौट रहा था। इसी दौरान डॉक्टर फजल रहमान की गली में अज्ञात व्यक्ति द्वारा उसकी जेब से सोना निकाल लेने की सूचना दी गई थी। पुलिस ने धारा 303(2) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की।

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में थाना नीमच केंट और साइबर सेल की संयुक्त टीम गठित की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नवलसिंह सिसोदिया और नगर पुलिस अधीक्षक किरण चौहान के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक नीलेश अवस्थी के नेतृत्व में टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की।

जांच के दौरान कई तथ्य संदिग्ध पाए गए। इसके बाद मुनीम दिलखुश नागदा से तकनीकी एवं मनोवैज्ञानिक आधार पर पूछताछ की गई, जिसमें उसने स्वीकार किया कि उसने सोना गबन करने की नीयत से झूठी चोरी की कहानी गढ़ी थी और सोना पास ही छिपा दिया था।

पुलिस ने आरोपी दिलखुश नागदा (35), निवासी ग्राम विसलवास बामनिया, को गिरफ्तार कर 65 ग्राम सोना बरामद कर लिया है। वह पिछले चार वर्षों से मंगलम ज्वेलर्स में कार्यरत था। पुलिस के अनुसार, आरोपी पर कुछ कर्ज भी था। घटना के बाद उसने सोना गली में एक पत्थर के नीचे छिपा दिया था।

इस खुलासे के बाद नीमच सर्राफा एसोसिएशन के सदस्यों ने पुलिस टीम का अभिनंदन किया। पुलिस अधीक्षक अंकित जायसवाल ने मामले का खुलासा करने में उल्लेखनीय भूमिका निभाने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशंसा पत्र प्रदान किए।
