भोपाल। मोहन यादव सरकार ने होली पर 6300 करोड़ रुपए के चार अलग-अलग कर्ज लिए हैं। मंगलवार को बाजार से उठाए गए इस कर्ज की अदायगी सरकार को बुधवार को होगी। इसी दिन प्रदेश में रंगों का त्यौहार होली मनाया जाएगा। सरकार ने यह कर्ज लेने के पहले कर्मचारियों को तीन प्रतिशत महंगाई भत्ता बढ़ाकर देने का ऐलान किया है और माना जा रहा है कि वित्तीय वर्ष के अंतिम महीने में सरकार की देनदारी चुकाने के साथ कर्मचारियों को महंगाई भत्ता और लाड़ली बहना योजना की किस्त देने में यह राशि खर्च होगी। इस लोन के बाद चालू वित्त वर्ष में कुल कर्ज की लिमिट 79100 करोड़ रुपए तक पहुंच गई है।
फरवरी में मोहन सरकार ने लगातार तीन मंगलवार को कर्ज लिया था। चौथे हफ्ते को छोड़ते हुए राज्य सरकार ने मार्च के पहले सप्ताह में होली के मौके पर बाजार से कर्ज लेने का निर्णय लिया है। सरकार की सिक्योरिटी की नीलामी के जरिये यह कर्ज लिया गया है जिसका भुगतान बुधवार को हो जाएगा। पिछले माह 17 फरवरी को लिए गए कर्ज के बाद चालू वित्त वर्ष में कुल कर्ज का आंकड़ा 72900 करोड़ रुपए पहुंच गया था। इसके साथ ही सरकार द्वारा इस अवधि में लिए जाने वाले कुल कर्ज की संख्या 44 हो गई है।
आज लिए गए ये अलग-अलग कर्ज
वित्त विभाग द्वारा किए गए नोटिफिकेशन के मुताबिक आज लिए गए कर्ज में पहला लोन 1800 करोड़ का है जिसका भुगतान सरकार नौ साल में छमाही ब्याज के जरिये करेगी। इसी तरह दूसरा कर्ज 13 साल के लिए 1600 करोड़ रुपए का, तीसरा कर्ज 1300 करोड़ का 15 साल के लिए और चौथा कर्ज 1600 करोड़ रुपए का 23 साल के लिए लिया गया है। इस तरह कुल 6300 करोड़ का कर्ज आज लिया गया है जो चालू वित्त वर्ष में लिए गए एक दिन के कर्ज में सर्वाधिक है।
इसके पहले 17 फरवरी को लिया था इतना कर्ज
राज्य सरकार ने इसके पहले 17 फरवरी को चार कर्ज लिए थे। पहला कर्ज 1200 करोड़ रुपए का 8 साल के लिए है। दूसरा कर्ज 1400 करोड़ रुपए का 13 साल की अवधि के लिए है जबकि तीसरा कर्ज 1600 करोड़ रुपए का 19 साल तक के लिए है। चौथा कर्ज 1400 करोड़ रुपए का 23 साल की अवधि के लिए लिया गया है। इन सभी कर्जों की अदायगी हर छह माह में की जाएगी। वित्त विभाग ने इसका नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया है।
फरवरी में अंतिम सप्ताह छोड़ हर मंगलवार को कर्ज
फरवरी में लगातार तीसरे हफ्ते लिए गए कर्ज के बाद इस माह में कुल दस कर्ज लिए गए थे। 10 फरवरी तक सरकार ने दस दिन के अंतराल में छह कर्ज लिए थे। इसके पहले 10 फरवरी को सरकार ने 5 हजार करोड़ और तीन फरवरी को 5200 करोड़ का कर्ज लिया था।