देवास। केन्द्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा कई किसान हितैषी योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। इन्हीं योजनाओं का लाभ लेकर जिले के किसान आज खेती का लाभ का धंधा बना रहे हैं। इन्हीं किसानों में से एक किसान जिले के ग्राम सारोल निवासी ओमप्रकाश चौधरी है। जिन्होंने शासन की योजनाओं का लाभ लेकर खेती को लाभ का धंधा बनाया है।
किसान ओमप्रकाश चौधरी बताते है कि उनके पास 04 हैक्टेयर भूमि हैं। कृषि विभाग द्वारा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन का लाभ लेकर अरहर की खेती कर रहे है। योजना के तहत उन्हें अनुदान राशि बैंक खाते में प्राप्त हुई। इसके साथ ही प्राकृतिक खेती करने के लिए समस्त जानकारी योजना के तहत विभाग द्वारा दी गई। अरहर की खेती में रसायनों के उपयोग के स्थान पर प्राकृतिक विधियों से निर्मित उत्पादों जैसे बीजामृत, जीवामृत का उपयोग किया। इन उत्पादों के उपयोग से कृषि लागत में कमी हुई तथा साथ ही मृदा में सूक्ष्म जीवों की संख्या में वृद्धि हुई। जिससे मृदा की उत्पादन क्षमता में भी सुधार हुआ।
किसान ओमप्रकाश चौधरी बताते है कि अरहर की खेती करने से मुझे सोयाबीन के उत्पादन से डेढ़ गुना अधिक आर्थिक लाभ हुआ। साथ ही प्राकृतिक उत्पादों तथा विधियों के उपयोग से ना सिर्फ रासायनिक उत्पादों पर निर्भरता कम हो गई बल्कि प्राकृतिक खेती से उत्पादित खाद्यान से हमारी मृदा तथा स्वयं हमारे स्वास्थ्य को भी लाभ हुआ हैं।