नीमच। जिले के वनक्षेत्रों में अवैध कटाई, और अवैध उत्खनन एवं वनभूमि पर अतिक्रमण की प्रभावी रोकथाम हेतु जिला स्तर पर गठित टास्क फोर्स की बैठक गत दिवस कलेक्टोरेट सभाकक्ष नीमच में आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर हिमांशु चंद्रा, एसपी अंकित जायसवाल, डीएफओ एसके अटोदे उपस्थित थे।
बैठक में डीएफओ एसके अटोदे ने अवगत कराया, कि नीमच वनमण्डल के अन्तर्गत अवैध कटाई की विशेष समस्या नहीं है। यदाकदा छुटपुट निस्तारी चोरी के प्रकरण प्रकाश में आते रहते हैं। जिनका विभाग द्वारा नियमानुसार निराकरण समय-समय पर किया जाता हैं। कलेक्टर ने अवैध कटाई का कोई भी प्रकरण प्रकाश में आने पर कठोर कार्यवाही कर त्वरित निराकरण के निर्देश दिए गए।
बैठक में बताया गया कि नीमच वनमण्डल के अन्तर्गत 23 संरक्षित वनखण्डों रकबा 28943.473 हैक्टेयर में से 18 वनखण्डों को भारतीय बन अधिनियम 1927 की धारा 4 के अधीन आरक्षित वन बनाये जाने हेतु वर्ष 1988 वर्ष 2021 एवं वर्ष 2025 में अधिसूचित किया जा चुका हैं। उपरोक्त 18 वनखण्डों में से 08 वनखण्डों में वन व्यवस्थापन अधिकारी द्वारा धारा 06 की उद्घोषणा जारी की जा चुकी है तथा अवशेष 10 वनखण्डों में उद्घोषणा जारी करने हेतु वनव्यवस्थापन अधिकारी नीमच, जावद एवं मनासा को एवं समस्त 18 वनखण्डों के वनव्यवस्थापन की कार्यवाही शीघ्र पूर्ण करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गऐ।
बैठक में बताया कि वर्तमान में अवैध उत्खनन के कोई भी प्रकरण उक्त क्षेत्र में प्रकाश में नहीं आये हैं अवैध उत्खनन के प्रकरणों में माननीय सर्वाेच्च न्यायालय के निर्णयों से परिप्रेक्ष में समुचित सावधानी बरती जा रही है। कलेक्टर ने वनक्षेत्र में किन्हीं भी परिस्थितियों में अवैध उत्खनन नहीं होने देने के संबंध में निर्देश दिये।
आरक्षित वनखण्ड लासूर की अधिसूचना में उल्लेखित 13 ग्रामों के अंतर्गत आने वाले सर्वे नंबरों एवं रकबे का वर्ष 1920 की मिसल बंदोबस्त से वर्तमान तक मिलान कर सर्वे एवं रकबेवार सूची तैयार की जाकर सर्वे सीमांकन कर मौके अनुसार मानचित्र तैयार करने हेतु वन एवं राजस्व विभाग का संयुक्त सर्वे दल का गठन किया गया हैं। कलेक्टर ने उपरोक्त कार्यवाही शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश राजस्व वन अधिकारियों को दिए हैं।