नीमच। जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत जनसहयोग से जल संरक्षण का अभियान सफलतापूर्वक चलाया गया। कलेक्टर हिमांशु चंद्रा और जिला पंचायत सीईओ अमन वैष्णव के निर्देशन में पिछले वर्ष जिले की 243 ग्राम पंचायतों में गहरीकरण के लिए कुल 1,660 तालाब, चेकडेम, स्टाप डेम और अन्य जल संरचनाओं को चिन्हित किया गया।
जनसहयोग से 982 जल संरचनाओं का गहरीकरण किया गया और 1,38,000 ट्रैक्टर ट्रॉली मिट्टी निकालकर किसानों ने अपने खेतों में डाली। इस कार्य में 5,871 ग्रामीणों ने भागीदारी की। इससे तालाबों और जल संरचनाओं की जल भराव क्षमता 4.14 लाख घन मीटर बढ़ी, साथ ही किसानों को उपजाऊ मिट्टी भी उपलब्ध हुई, जिसका उपयोग नए खेत तैयार करने में किया गया।
जल गंगा संवर्धन अभियान 2025 के अंतर्गत जिले में 830 खेत-तालाब निर्माण कार्य शुरू किए गए थे, जिनमें से 510 पूर्ण हो चुके हैं। इसके अलावा, जिले में 1,968 डगवेल रिचार्ज कार्य स्वीकृत किए गए, जिनमें से 1,783 कार्य पूर्ण हो चुके हैं। पिछले वर्ष 18 अमृत सरोवर निर्माण कार्य भी संपन्न हुए।
इस वर्ष जल गंगा संवर्धन अभियान 2026 के तहत जिले में 203 खेत-तालाब निर्माण, 11 पुल और पुलिया पर वाटर रिटेनिंग स्ट्रक्चर, 169 जल संरचनाओं का गहरीकरण एवं मिट्टी निकालना, 54 जल संरचनाओं का जीर्णाेद्धार और 30 नए अमृत सरोवरों का निर्माण कार्य चिन्हित किया गया है।
इस पहल से न केवल जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा बल्कि किसानों को खेती के लिए उपजाऊ मिट्टी भी उपलब्ध होगी और जल संकट की समस्या में भी कमी आएगी।