भोपाल। मध्यप्रदेश में मेयर फंड (महापौर निधि) पर ब्रेक लगने के बाद सियासत तेज हो गई है। सत्ता पक्ष विपक्ष में मामले को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।
बीजेपी के नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने कहा- नगर निगम स्वायत्त संस्था होती है, वह अपना बजट अपनी सहूलियतों के लिए हिसाब से बनाती है। हर बार बजट में कुछ फंड घटाए और कुछ जोड़े जाते हैं। आखिर नगरीय प्रशासन विभाग की तरफ से इस आशय का पत्र क्यों जारी किया गया है। इसका विमर्श किया जा रहा है उसके बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।
कांग्रेस शासित निगम में सरकार फंड नहीं दे रही
कांग्रेस प्रवक्ता अभिनव बरोलिया का कहना है कि यह सरकार लगातार जनता के हित से जुड़े निर्णय में बदलाव कर रही है। वैसे भी तो मध्यप्रदेश के नगर निगम घाटे में चल रहे हैं। जनहित के कार्य भी ढंग से नहीं हो पा रहे हैं, ऐसे में मेयर को मिलने वाले फंड पर भी ब्रेक लग जाएगा तो जनता के काम कैसे होंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा के मेयर तो भ्रष्टाचार करके काम चला लेते हैं कांग्रेस शासित नगर निगम में तो पहले से ही सरकार फंड नहीं दे रही है।