कुकडेश्वर। प्रदेश में गेहूं के समर्थन मूल्य पर पंजीयन की अंतिम तिथि 7 मार्च नजदीक आने के साथ ही कुकडेश्वर क्षेत्र के किसानों की परेशानियां बढ़ती जा रही हैं। तकनीकी खामियों और सर्वर की धीमी गति के कारण सोसायटियों पर किसानों की भारी भीड़ उमड़ रही है, लेकिन पंजीयन का आंकड़ा बेहद कम है। अब तक क्षेत्र में मात्र 15 प्रतिशत किसानों का ही पंजीयन हो पाया है।
सर्वर बना सबसे बड़ी समस्या
पंजीयन केंद्रों पर तैनात कर्मचारियों के अनुसार सुबह 10ः30 बजे से शाम 4ः30 बजे के बीच, जब पंजीयन का सबसे ज्यादा दबाव रहता है, उसी समय पोर्टल का सर्वर बार-बार ठप हो जाता है। कर्मचारियों का कहना है कि पूरे दिन प्रयास करने के बावजूद केवल 3 से 4 पंजीयन ही हो पा रहे हैं, जिससे किसानों की लंबी कतारें लग रही हैं।
गिरदावरी की गड़बड़ी से बढ़ी मुश्किलें
सर्वर की समस्या के साथ-साथ पटवारियों द्वारा की गई गिरदावरी में भी कई विसंगतियां सामने आ रही हैं। किसानों का आरोप है कि गिरदावरी सही नहीं होने के कारण पोर्टल पर उनकी फसल की जानकारी गलत दिखाई दे रही है, जिससे पंजीयन प्रक्रिया बाधित हो रही है।
किसानों ने बयां की पीड़ा
सोसायटियों के चक्कर काट रहे किसान मानसिक गरासिया, शांतिलाल मदनलाल, राकेश मालवीय, सुनील रावत, प्रकाश मालवीय और जसवंत खाती ने बताया कि वे कई दिनों से अपना कामकाज छोड़कर पंजीयन के लिए भटक रहे हैं। उनका कहना है कि कभी सर्वर नहीं चलता तो कभी गिरदावरी की समस्या बता दी जाती है। रात-रात भर इंतजार करने के बावजूद पंजीयन नहीं हो पा रहा, जबकि अंतिम तिथि नजदीक है।
तारीख बढ़ाने की मांग
किसानों और स्थानीय प्रतिनिधियों ने प्रदेश सरकार से पंजीयन की अंतिम तिथि बढ़ाने की मांग की है। उनका कहना है कि जब अब तक केवल 15 प्रतिशत पंजीयन ही हो पाए हैं, तो शेष किसान अपनी उपज कहां बेचेंगे। किसानों ने मांग की है कि पंजीयन की तारीख बढ़ाई जाए, सर्वर क्षमता में सुधार किया जाए और पटवारियों को मौके पर गिरदावरी सुधारने के निर्देश दिए जाएं।
किसानों का कहना है कि यदि समय रहते शासन ने इस समस्या का समाधान नहीं किया, तो हजारों किसान समर्थन मूल्य पर अपनी उपज बेचने से वंचित रह जाएंगे और उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।