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March 7, 2026, 10:45 am
BIG NEWS : एमपी में बिगड़ सकती है स्वास्थ्य सेवाएं, जूनियर डॉक्टरों का आंदोलन तेज, स्टाइपेंड रुकावट पर काली पट्टी बांधकर विरोध, जस्टिस मार्च की घोषणा, पढे़ खबर

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भोपाल। मध्य प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में पढ़ने और काम करने वाले जूनियर डॉक्टरों (रेजिडेंट डॉक्टर्स) का आंदोलन तेज हो गया है। स्टाइपेंड में वृद्धि और लंबित भुगतान में हो रही देरी के विरोध में उन्होंने काली पट्टी बांधकर काम शुरू कर दिया है। जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (जूडा) ने चेतावनी दी है कि सोमवार से वे नॉन-इमरजेंसी सेवाओं का बहिष्कार करेंगे, जिससे प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।


जूडा के अनुसार, मध्य प्रदेश शासन के 7 जून 2021 के आदेश के तहत 1 अप्रैल 2025 से CPE (Cost Price Escalation या समान) आधारित स्टाइपेंड में वृद्धि और लंबित एरियर का भुगतान होना था, लेकिन अब तक यह नहीं हुआ। डॉक्टरों का कहना है कि यह न केवल आर्थिक समस्या है, बल्कि उनके मानसिक और पेशेवर मनोबल को भी प्रभावित कर रहा है।


आज भी प्रदेश के विभिन्न मेडिकल कॉलेज परिसरों में जूनियर डॉक्टर काली पट्टी बांधकर ड्यूटी पर रहेंगे। रविवार को वे ‘जस्टिस मार्च’ निकालेंगे, जिसमें अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया जाएगा। जूडा नेताओं ने स्पष्ट किया कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण है और इसका एकमात्र उद्देश्य शासन का ध्यान लंबित मांगों की ओर आकर्षित करना है। उन्होंने चरणबद्ध विरोध की रणनीति अपनाई है – पहले काली पट्टी, फिर मार्च, और यदि मांगें नहीं मानी गईं तो नॉन-इमरजेंसी सेवाओं (OPD, रूटीन चेकअप आदि) का बहिष्कार। इमरजेंसी सेवाएं जारी रहेंगी।


पिछले कुछ महीनों में भी जूनियर डॉक्टरों ने इसी तरह के विरोध किए हैं, लेकिन स्टाइपेंड संशोधन अभी अटका हुआ है। स्वास्थ्य विभाग और मेडिकल एजुकेशन विभाग से इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन डॉक्टरों की मांग है कि जल्द आदेश जारी हो और एरियर का भुगतान किया जाए।

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