इंदौर। शहर के पंचकुइया मुक्तिधाम में गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। यहां एक ही टोकन नंबर तीन अलग-अलग परिवारों को दे दिया गया, जिसके चलते भारी गफलत हो गई और एक परिवार की अस्थियां कोई दूसरा परिवार लेकर चला गया। बताया जा रहा है कि टोकन नंबर 13 तीन परिवारों को जारी कर दिया गया था। इसी वजह से जब परिजन अस्थियां लेने पहुंचे तो पता चला कि उनकी अस्थियां पहले ही कोई दूसरा परिवार लेकर जा चुका है।
पीड़ित परिवार का कहना है कि 6 तारीख को मदनलाल विश्वकर्मा का निधन हुआ था। इसके बाद उनका अंतिम संस्कार पंचकुइया मुक्तिधाम में किया गया था। शनिवार को परिजन अस्थियां लेने पहुंचे, लेकिन वहां उनकी अस्थियां नहीं मिलीं। परिजनों का आरोप है कि मुक्तिधाम प्रबंधन की लापरवाही से यह स्थिति बनी है। एक ही टोकन नंबर तीन परिवारों को देने से पूरी व्यवस्था गड़बड़ा गई और अब यह पता ही नहीं चल पा रहा कि अस्थियां किस परिवार के पास चली गईं।
फिलहाल पीड़ित परिवार पंचकुइया मुक्तिधाम पर ही मौजूद है और मामले को लेकर जिम्मेदारों से जवाब मांग रहा है। इस घटना के बाद मुक्तिधाम की व्यवस्था और प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अब देखना यह होगा कि जिम्मेदार अधिकारी इस लापरवाही पर क्या कार्रवाई करते हैं और पीड़ित परिवार को न्याय कैसे मिलेगा।