मंदसौर। नीमच, मंदसौर, चित्तौड़गढ़ और प्रतापगढ़ जिलों में बेमौसम बारिश व ओलावृष्टि से अफीम फसल को हुए नुकसान के बाद अफीम उत्पादक संघर्ष समिति ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय वित्त मंत्री, मुख्यमंत्री तथा नारकोटिक्स विभाग के अधिकारियों को ज्ञापन भेजकर किसानों को राहत देने की मांग की है।
ज्ञापन में समिति ने मांग की है कि जिन किसानों की अफीम फसल 100 प्रतिशत नष्ट हो गई है, उन्हें आगामी अफीम नीति 2026-27 में लाइसेंस जारी कर राहत दी जाए। जिन किसानों की फसल 50 प्रतिशत तक क्षतिग्रस्त हुई है, उन्हें अफीम डोडा नष्ट करने के बजाय पोस्ता लेने की अनुमति दी जाए ताकि उन्हें कुछ आर्थिक राहत मिल सके।
इसके अलावा अफीम फसल को फसल बीमा योजना में शामिल करने, वर्ष 1990 से अब तक डी-लाइसेंस हुए किसानों को पुनः लाइसेंस देने तथा नई नीति में मार्फिन सीमा 4.00 के आधार पर अधिक किसानों को लाइसेंस जारी करने की मांग भी की गई है।
समिति ने सरकार से लांसिंग पद्धति के तहत अफीम डोडा भूसा की सरकारी खरीद सुनिश्चित करने और किसानों को राहत प्रदान करने का भी आग्रह किया है। ज्ञापन में किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए केंद्र सरकार से जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की गई है।