चित्तौड़गढ़। केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (CBN) की मध्य प्रदेश इकाई ने लाइसेंस प्राप्त अफीम के अवैध विचलन (डायवर्जन) के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए चित्तौड़गढ़ जिले में 52 किलोग्राम से अधिक अफीम जब्त की है।

उप नारकोटिक्स आयुक्त (DNC) कार्यालय, नीमच के नेतृत्व में सीबीएन की निवारक टीम ने खुफिया सूचना के आधार पर 6 मार्च 2026 को पांडोली स्टेशन, कपासन क्षेत्र स्थित एक आवासीय परिसर में तलाशी अभियान चलाया। यह परिसर एक व्यक्ति के स्वामित्व में था, जहां तीन लाइसेंस प्राप्त अफीम किसान किराये के कमरों में रहकर खेती से जुड़े कार्य कर रहे थे।

भौतिक सत्यापन में सामने आई विसंगति-
तलाशी के दौरान अधिकारियों ने किसानों के पास उपलब्ध अफीम का भौतिक सत्यापन किया। जांच में पाया गया कि मौके पर मौजूद अफीम की मात्रा और प्रारंभिक तौल रजिस्टर (PWR) में दर्ज मात्रा के बीच बड़ा अंतर है।

नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (NDPS) नियम, 1985 के नियम 13 के तहत किसानों को प्रतिदिन एकत्रित अफीम को दैनिक तौल के लिए प्रस्तुत करना अनिवार्य होता है, ताकि उसका सही रिकॉर्ड दर्ज किया जा सके। हालांकि तलाशी के दौरान कुल 52.494 किलोग्राम अफीम और अफीम मिश्रित पानी बरामद किया गया, जो पंजीकृत मात्रा से कहीं अधिक पाया गया।

एनडीपीएस एक्ट के तहत जब्ती-
मात्रा का पंजीकृत उत्पादन से मिलान नहीं होने के कारण पूरी बरामदगी को एनडीपीएस अधिनियम 1985 की धारा 8, 18(ब), 19 और 42 के तहत जब्त कर लिया गया।
तलाशी के समय संबंधित किसान मौके पर मौजूद नहीं थे। उनसे पूछताछ की कार्रवाई की जानी बाकी है। मामले में आगे की जांच जारी है।

केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो ने कहा है कि मादक पदार्थों की अवैध तस्करी और लाइसेंस प्राप्त अफीम के दुरुपयोग को रोकने के लिए विभाग लगातार सख्त कार्रवाई करता रहेगा।
