खरगोन। जिले में ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ मानी जाने वाली आशा और आशा पर्यवेक्षक इन दिनों अपने ही भुगतान को लेकर परेशान हैं। लंबे समय से भुगतान में हो रही देरी को लेकर उन्होंने ज़िला कलेक्टर कार्यालय पंहुच कर ज्ञापन सौंप कर जल्द समाधान की मांग की है। बताया जा रहा है कि जिले की आशा कार्यकर्ता और आशा पर्यवेक्षक ग्रामीण स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। वे गर्भवती महिलाओं की देखभाल, टीकाकरण, स्वास्थ्य जागरूकता और विभिन्न सरकारी योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाने का कार्य पूरी निष्ठा से कर रही हैं। इसके बावजूद उनके मानदेय के भुगतान में लगातार अनियमितता और देरी हो रही है, जिससे उन्हें आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जिला अध्यक्ष रेखा रणछोड़ ने बताया कि दिसंबर 2025 से अब तक उनका नियमित भुगतान नहीं हुआ है और जो राशि मिली है वह भी आंशिक रूप से दी गई है। ऐसे में कई महीनों से मानदेय लंबित होने के कारण उन्हें अपने परिवार के खर्च चलाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
कार्यकर्ताओं ने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा घोषणा की गई थी कि आशा और आशा पर्यवेक्षक का भुगतान हर महीने की 5 तारीख तक कर दिया जाएगा, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति यह है कि 15 तारीख तक भी भुगतान नहीं हो पा रहा है। त्योहारों के बाद भी भुगतान नहीं होने से उनमें नाराजगी देखी जा रही है।
आशा और आशा पर्यवेक्षकों ने माननीय मुख्यमंत्री से मांग की है कि भुगतान में हो रही समस्या का जल्द समाधान किया जाए और लंबित मानदेय का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित किया जाए, ताकि उन्हें राहत मिल सके और वे अपने कार्य को और बेहतर तरीके से जारी रख सकें।