शाजापुर। बी.के.एस.एन. सरकारी कॉलेज (प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस) में ‘भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ’ के माध्यम से प्राचार्य डॉ. एस.के. तिवारी की अध्यक्षता में ‘काव्यांग विवेचन’ विषय पर विशिष्ट व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के पूजन-अर्चन के साथ हुई।
बी.ए. तृतीय वर्ष के परियोजना कार्य के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में प्रकोष्ठ के संयोजक डॉ. बी.एल. मालवीय ने स्वागत भाषण देते हुए अतिथि का परिचय कराया। मुख्य वक्ता के रूप में पधारी सहायक प्राध्यापक डॉ. दीपा वाडिया ने कहा कि काव्य-रचना के तीन मुख्य कारण-प्रतिभा, व्युत्पत्ति और अभ्यासकृमाने जाते हैं, जिनके माध्यम से साहित्य सृजन की प्रक्रिया सशक्त होती है।
इस अवसर पर वरिष्ठ प्राध्यापक प्रो. वी.पी. मीणा, डॉ. बी.के. सोलंकी, डॉ. टी.एल. चौहान, श्री विनोद परमार और श्री मुकेश सोलंकी सहित महाविद्यालय का स्टाफ तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन प्रो. प्रतिका परमार ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन डॉ. टी.एल. चौहान ने व्यक्त किया।