खनियाधाना। क्षेत्र के आलम पिपरौंदा गाँव में एक व्यक्ति के साथ बंदूक की लूट का सनसनीखेज मामला सामने आया है यह मामला 24 फरवरी का है जिसमे पीड़ित ने आरोप लगाया है कि मायापुर पुलिस ने लूट की घटना को चोरी के रूप में दर्ज किया है जिससे न्याय की गुहार धीरज सिंह चौहान लगा रहे पीड़ित में काफी आक्रोश है पीड़ित ने मीडिया को बताया कि वह खनियाधाना में एक शादी समारोह में शामिल होने के बाद वापस लौट रहा था। रात के लगभग 10 बजे जब वह आलम पिपरौंदा पहुँचा तभी पीछे से एक अज्ञात वाहन आया वाहन सवार बदमाशों ने पीड़ित को झपट्टा मारा और उसके पास मौजूद 315 बोर की बंदूक छीनकर फरार हो गए।
पीड़ित के अनुसार, बदमाशों ने अपनी गाड़ी की लाइटें बंद कर ली थीं जिसके कारण वह न तो वाहन का नंबर देख सका और न ही आरोपियों की पहचान कर पाया।
घटना के तुरंत बाद पीड़ित ने पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी पुलिस कंट्रोल रूम के निर्देश पर मायापुर थाने से दरोगा का फोन आया और उन्हें रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए बुलाया गया पीड़ित का आरोप है कि उसने स्पष्ट रूप से बताया था कि उसके साथ लूट हुई है पुलिस ने लूट के बजाय मामले को चोरी की धाराओं में दर्ज किया पीड़ित ने कहा जो लूट हमने बताई वह नहीं लिखी गई बल्कि उसे साधारण चोरी बता दिया गया जब पीड़ित से किसी रंजिश या संदेह के बारे में पूछा गया तो उसने साफ किया कि उसकी आलम पिपरौंदा या आसपास के क्षेत्र में किसी से कोई निजी दुश्मनी नहीं है। यह घटना पूरी तरह से अचानक हुई है और यह लूट है।
बंदूक जैसी संवेदनशील वस्तु की लूट और पुलिस द्वारा उसे चोरी में बदलना क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की गंभीरता पर गंभीर सवाल खड़े करता है पीड़ित अब उच्च अधिकारियों से न्याय और अपनी बंदूक की बरामदगी की मांग कर रहा है वही जब इस संबंध में मायापुर थाना प्रभारी दिनेश सिंह नरवरिया से फोन पर बात की तो उनका कहना था की 26 फरवरी को फरयादी के बताय अनुसार मामला दर्ज कर लिया था अब फरयादी लूट का क्यो बोल रहा है पता नही हमारे लिये जो फरयादी ने बताया था वह हमने लिखा और मामला दर्ज किया था जांच जारी है।