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March 10, 2026, 6:22 pm
KHABAR : किसान कल्याण वर्ष 2026 नरवाई प्रबंधन में मंदसौर जिला अग्रणी, अलसी डंठल से रेशा बनाने की पहल, नरवाई प्रबंधन अंतर्गत कृषि बजट में 37.65 करोड़ रुपए का किया प्रावधान, पढ़े खबर 

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मंदसौर। किसान कल्याण वर्ष 2026 के अंतर्गत कृषि क्षेत्र में जिले में विभिन्न नवाचार किए जा रहे हैं, जिनमें नरवाई प्रबंधन एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया है। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उपसंचालक रविंद्र मोदी ने बताया कि मध्यप्रदेश एक कृषि प्रधान राज्य है और कृषि उत्पादन के क्षेत्र में प्रदेश का महत्वपूर्ण स्थान है। मंदसौर जिला कृषि विविधता के लिए प्रदेश में अग्रणी है, जहां अनाज, तिलहन, उद्यानिकी, औषधीय, पुष्प एवं सब्जी फसलों का व्यापक उत्पादन किया जाता है। वर्तमान में किसानों द्वारा नरवाई जलाने की समस्या मिट्टी की उर्वरता एवं पर्यावरण के लिए हानिकारक साबित हो रही है। नरवाई जलाने से मिट्टी के पोषक तत्व एवं लाभकारी सूक्ष्म जीव नष्ट हो जाते हैं तथा पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचता है। राज्य शासन द्वारा नरवाई प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री नरवाई प्रबंधन योजना अंतर्गत कृषि बजट में 37.65 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। यह योजना नरवाई प्रबंधन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। जिले में नरवाई जलाने की घटनाओं को कम करने के लिए जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग द्वारा विशेष पहल की गई है। इसके अंतर्गत एफपीओ मंदसौर एग्रो प्रोड्यूसर कंपनी को अलसी डंठल प्रबंधन के लिए विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया है तथा स्थानीय स्तर पर अलसी डंठल से रेशा निकालने की मशीन विकसित की गई है। इस मशीन के माध्यम से अलसी के डंठल से रेशा निकालकर टेक्सटाइल कंपनियों को विक्रय किया जाएगा। इसके अतिरिक्त कृषि यंत्रीकरण योजना अंतर्गत किसानों को बेलर उपलब्ध कराकर अलसी डंठल को काटकर एकत्रित किया जा रहा है तथा विभिन्न खरीदारों को बेचा जा रहा है। इस योजना के अंतर्गत अलसी उत्पादक किसानों को एफपीओ द्वारा लगभग 1200 से 1500 रुपए प्रति हेक्टेयर भुगतान किया जाएगा। नरवाई कटाई, बंडल बनाने एवं परिवहन का पूरा खर्च एफपीओ द्वारा वहन किया जाएगा। इस पहल से किसानों को अतिरिक्त आय प्राप्त होगी तथा नरवाई जलाने की घटनाओं में कमी आएगी। जिले में अलसी रबी मौसम की एक महत्वपूर्ण सहायक फसल के रूप में उभर रही है तथा इसका रकबा लगातार बढ़ रहा है। वर्तमान में जिले में लगभग 10 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में अलसी की खेती की जा रही है। कृषि विभाग द्वारा किसानों को अलसी उत्पादन के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। मुख्यमंत्री नरवाई प्रबंधन योजना के माध्यम से किसानों को नरवाई प्रबंधन में और अधिक सुविधा मिलेगी तथा कृषि को पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में यह पहल महत्वपूर्ण सिद्ध होगी।

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