उज्जैन। अंतरराष्ट्रीय हालात का असर अब महाकालेश्वर की नगरी में भी दिखाई देने लगा है। इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के चलते कमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई प्रभावित हुई है। इसका सबसे ज्यादा असर महाकाल मंदिर क्षेत्र में संचालित 350 से अधिक रेस्टोरेंट और भोजनालयों पर पड़ रहा है। इनके पास दो दिन की गैस बची है। ऐसे में संचालकों ने कोयला व लकड़ी पर खाना बनाने का निर्णय लिया है।
बताया जा रहा है कि दो दिनों में कमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई लगभग 50 प्रतिशत तक कम हो गई है, जिससे कई रेस्टोरेंट के पास सिर्फ एक-दो दिन का ही स्टॉक बचा है। अगर स्थिति इसी तरह बनी रही तो मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को भोजन व्यवस्था में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
महाकाल मंदिर में रोजाना करीब एक लाख श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इनमें से बड़ी संख्या में मंदिर के आसपास के रेस्टोरेंट और भोजनालयों में भोजन करते हैं। ऐसे में गैस सिलेंडर की कमी से संचालकों के सामने संचालन की बड़ी समस्या खड़ी हो गई है।
सिलेंडर की कमी से भोजन बनने में हो रही देरी
महाकाल मंदिर के पास स्थित स्वरूची भोजनालय के संचालक चंद्रशेखर काले ने बताया कि उनके यहां हर दूसरे दिन तीन कमर्शियल सिलेंडर लगते हैं। मंगलवार को एक सिलेंडर की मांग की गई थी, लेकिन दोपहर तक सप्लाई नहीं पहुंची। मजबूरी में दो सिलेंडरों पर ही खाना बनाना पड़ा, जिससे भोजन तैयार होने में करीब डेढ़ घंटे की देरी हुई।
उन्होंने बताया कि पहले रोजाना चार कमर्शियल सिलेंडर लगते थे, लेकिन अब तीन सिलेंडरों से ही काम चलाना पड़ रहा है। सप्लाई मांग के मुकाबले लगभग 50 प्रतिशत कम मिल रही है।
कोयला और लकड़ी से खाना बनाने की तैयारी
उज्जैन बस स्टैंड के सामने संचालित जैन दाल-बाफले भोजनालय के संचालक ने बताया कि उनके यहां एक सप्ताह में करीब तीन सिलेंडर लगते हैं। फिलहाल तीन सिलेंडर मौजूद हैं, लेकिन आगे के लिए बुकिंग करने पर गैस एजेंसी फोन तक रिसीव नहीं कर रही है।
संचालकों का कहना है कि यदि जल्द सप्लाई सामान्य नहीं हुई तो उन्हें वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर कोयला और लकड़ी के चूल्हों का सहारा लेना पड़ेगा।
गैस एजेंसियों पर भीड़, लंबा इंतजार
इधर शहर की गैस एजेंसियों पर भी सुबह से लोगों की भीड़ लग रही है। एजेंसी कर्मचारियों के अनुसार फिलहाल सिर्फ ऑनलाइन बुकिंग के जरिए ही घरेलू गैस सिलेंडर दिए जा रहे हैं। बुकिंग के बाद भी करीब 25 दिन तक का इंतजार करना पड़ रहा है। बिना केवाईसी के किसी को भी सिलेंडर नहीं दिया जा रहा है।
स्थिति को देखते हुए रेस्टोरेंट संचालकों का कहना है कि यदि जल्द कमर्शियल गैस की सप्लाई सामान्य नहीं हुई तो महाकाल मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को भोजन के लिए परेशानी झेलनी पड़ सकती है।