मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष Jitu Patwari ने जल संसाधन विभाग में बड़े भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में सिंचाई परियोजनाओं के नाम पर टेंडर सिंडिकेट चल रहा है, जिसमें चुनिंदा कंपनियों को ही ठेके दिए जा रहे हैं। पटवारी ने सरकार को 15 दिन का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि जांच नहीं हुई तो कांग्रेस पूरे मामले को Central Bureau of Investigation के पास ले जाएगी।
जितू पटवारी ने दस्तावेजों के साथ आरोप लगाया कि जल संसाधन विभाग में बड़े टेंडरों पर कुछ गिनी-चुनी कंपनियों का कब्जा है। उन्होंने कहा कि फलोदी और गुप्ता कंस्ट्रक्शन जैसी कंपनियां ही बार-बार टेंडर हासिल कर रही हैं और एक रोटेशन सिस्टम के तहत कभी एक कंपनी L1 बनती है तो कभी दूसरी, जिससे वास्तविक प्रतिस्पर्धा खत्म हो गई है।
पटवारी ने तंज कसते हुए कहा कि सरकार इसे “कृषि वर्ष” बता रही है, जबकि हकीकत में यह “कमीशन वर्ष” बन गया है। उन्होंने कहा कि हाल ही में सरकार ने करीब 5800 करोड़ रुपए का कर्ज लिया है, लेकिन इसका फायदा किसानों को नहीं बल्कि चहेते ठेकेदारों को मिल रहा है।
उन्होंने दो नामों—नौशाद और अश्विन नाटू—का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि आखिर ये लोग कौन हैं और विभाग में इनकी क्या भूमिका है। पटवारी का आरोप है कि इन लोगों के साथ मंत्रियों के रिश्तेदारों के दुबई में साझा व्यवसाय हैं, जिससे मनी ट्रेल और मनी लॉन्ड्रिंग की आशंका पैदा होती है।
इसके अलावा उन्होंने विभाग में फर्जी बैंक गारंटी के जरिए ठेकेदारों द्वारा करोड़ों रुपए का एडवांस लेने का आरोप भी लगाया। पटवारी ने कहा कि जल निगम में फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद भी जल संसाधन विभाग और एनवीडीए में ई-बैंक गारंटी सिस्टम लागू नहीं किया गया, जिससे गड़बड़ी की गुंजाइश बनी हुई है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि Ken-Betwa Link Project का ठेका उस नागार्जुन कंपनी को दिया गया है, जो भाजपा का पार्टी कार्यालय बना रही है। पटवारी ने इसे सीधी सांठगांठ बताते हुए कहा कि पार्टी दफ्तर बनाओ, कमीशन दो और फिर प्रोजेक्ट का काम मनमर्जी से करो।
तकनीकी गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि कई जगह जमीन पर सस्ते HDPE पाइप डाले गए, जबकि कागजों में महंगे DI पाइप दिखाकर करोड़ों रुपए का भुगतान निकाला गया।
पटवारी ने मांग की कि 2023-24 के टेंडरों की न्यायिक जांच कराई जाए और विभाग में जमा सभी बैंक गारंटियों की जांच हो। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 15 दिन के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो कांग्रेस इस पूरे मामले को सीबीआई के पास लेकर जाएगी।