बुरहानपुर। जिले के नेपानगर में मध्य रेलवे द्वारा भुसावल से खंडवा तक बिछाई जा रही तीसरी रेलवे लाइन की जद में वार्ड नंबर 9 का संजय नगर क्षेत्र आ रहा है। रेलवे ने यहां रहने वाले 150 से अधिक परिवारों को मकान खाली करने के नोटिस जारी किए हैं, जिसके कारण रहवासियों में बेघर होने का संकट और अनिश्चितता पैदा हो गई है।
बुधवार को बड़ी संख्या में प्रभावित परिवारों ने स्थानीय कांग्रेस नेताओं के साथ मिलकर तहसील कार्यालय और रेलवे स्टेशन पहुंचकर प्रदर्शन किया। उन्होंने तहसीलदार और स्टेशन प्रबंधक को अलग-अलग ज्ञापन सौंपकर अपने विस्थापन और पुनर्वास को लेकर चिंता जाहिर की।
60 साल पहले नेपा लिमिटेड ने आवंटित की थी जमीन
रहवासियों ने बताया कि करीब 60 साल पहले अखबारी कागज मिल श्नेपा लिमिटेडश् ने इन परिवारों को यहां जमीन आवंटित की थी। बीते दशकों में लोगों ने इन भूखंडों पर अपनी जीवन भर की पूंजी लगाकर कच्चे और एक से तीन मंजिला तक पक्के मकान बना लिए हैं। अब अचानक रेलवे लाइन विस्तार के चलते उन्हें ये मकान छोड़ने के निर्देश मिले हैं।
प्रभावित परिवारों की प्रमुख मांगें
रहवासियों का स्पष्ट कहना है कि वे रेलवे लाइन विस्तार और प्रशासन के काम में पूरा सहयोग करना चाहते हैं।
समान आकार का भूखंड प्रभावित परिवारों को उनके मौजूदा भूखंड के बराबर का प्लॉट किसी अन्य सुरक्षित स्थान पर दिया जाए।
बाजार मूल्य पर मुआवजा निर्मित पक्के, दो मंजिला या कच्चे मकानों का वर्तमान बाजार मूल्य के अनुसार मूल्यांकन कर उचित मुआवजा राशि प्रदान की जाए।
6 महीने की मोहलतरू नए मकान के निर्माण और वहां शिफ्ट होने के लिए कम से कम 6 महीने का समय दिया जाए।
मूलभूत सुविधाएंरू नए विस्थापन स्थल पर सड़क, नाली, बिजली के खंभे, शौचालय और पीने के पानी जैसी जरूरी बुनियादी सुविधाएं पहले से उपलब्ध हों।
इस प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने के दौरान नेपानगर नगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष प्रकाश सिंह बैस, ग्रामीण कांग्रेस कार्यकारी जिलाध्यक्ष जगमीत सिंह जॉली और नेपानगर नगर पालिका अध्यक्ष भारती विनोद पाटील सहित कई अन्य स्थानीय नेता भी मौजूद रहे।