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March 13, 2026, 11:19 am
KHABAR : जल जीवन मिशन के लिए केंद्र से राहत, मध्यप्रदेश को मिलेंगे 4000 करोड़, कर्ज सीमा बढ़ाने पर भी सहमति, पढे़ खबर

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भोपाल। मध्यप्रदेश को जल जीवन मिशन के तहत बड़ी राहत मिलने जा रही है। केंद्र सरकार ने मिशन में खर्च हुई राशि देने पर सहमति जताई है, जिसके तहत मार्च 2026 से पहले करीब 4000 करोड़ रुपए मिलने की संभावना है।

दरअसल, मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने दिल्ली दौरे के दौरान केंद्रीय जल शक्ति मंत्री C. R. Patil से मुलाकात कर बताया कि वर्ष 2024-25 के 4500 करोड़ और 2025-26 के 5000 करोड़ रुपए अभी भी बकाया हैं। राज्य सरकार ने योजना को जारी रखने के लिए अब तक करीब 9000 करोड़ रुपए अपने स्तर पर खर्च किए हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि योजना को पूरा करने की समय सीमा 2028 तय है, लेकिन मध्यप्रदेश में अब तक करीब 99 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। इस प्रगति पर केंद्रीय मंत्री ने राज्य सरकार की सराहना की और बकाया राशि जारी करने पर सहमति दी।

दिल्ली प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री ने केंद्रीय वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman से भी मुलाकात की। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश की औसत आर्थिक वृद्धि दर करीब 10 प्रतिशत है और वर्ष 2026-27 में राज्य का जीएसडीपी बढ़कर 18 लाख 48 हजार करोड़ रुपए होने का अनुमान है। इसी आधार पर राज्य को बाजार से कर्ज लेने की सीमा बढ़ाने का अनुरोध किया गया, जिस पर सकारात्मक सहमति मिली है।

मुख्यमंत्री के साथ इस बैठक में वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव मनीष रस्तोगी भी मौजूद थे। सरकार का मानना है कि कर्ज सीमा बढ़ने से राज्य को विकास कार्यों में अतिरिक्त वित्तीय मदद मिलेगी।

निकायों के लिए भी मांगी राशि

मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से नगरीय और ग्रामीण निकायों के लिए 15वें वित्त आयोग की अनुशंसित पूरी राशि जारी करने का आग्रह भी किया। राज्य को वित्तीय वर्ष 2023-24 के 512 करोड़ और 2025-26 के 1181 करोड़ रुपए अभी मिलने बाकी हैं।

इसके अलावा हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 2021-22 से 2025-26 तक 4600 करोड़ रुपए स्वीकृत हुए थे, लेकिन अब तक 3690 करोड़ रुपए ही प्राप्त हुए हैं।

बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री दिल्ली पांच प्रमुख मुद्दों को लेकर गए थे, जिनमें उज्जैन में होने वाले Simhastha के लिए वित्तीय सहायता की मांग भी शामिल थी।

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