नीमच। मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार शनिवार को जिला न्यायालय नीमच, तहसील न्यायालय जावद और मनासा में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आपसी सहमति और समझाइश के माध्यम से लंबित मामलों का त्वरित निपटान सुनिश्चित करना रहा।
जिला न्यायालय नीमच में आयोजित शुभारंभ कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश वीरेंद्र सिंह राजपूत ने की। इस अवसर पर मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के माननीय मुख्य न्यायाधीश संजिव सचदेवा ने ऑनलाइन माध्यम से लोक अदालत का विधिवत शुभारंभ किया। कार्यक्रम में प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय डॉ. कुलदीप जैन सहित अन्य न्यायाधीशगण, अधिवक्तागण, खंडपीठ सदस्य, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, पैरालीगल वॉलंटियर्स और न्यायालयीन कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
खंडपीठों में हुई कार्यवाही-
शुभारंभ के बाद जिला न्यायालय नीमच में 9 खंडपीठ, तहसील न्यायालय मनासा में 4 और तहसील न्यायालय जावद में 2 खंडपीठों में लोक अदालत की कार्यवाही प्रारंभ की गई। इन खंडपीठों में न्यायालयों में लंबित और प्री-लिटिगेशन प्रकरणों को आपसी सहमति से निपटाने का प्रयास किया गया।
स्टॉल और समझाइश कार्यक्रम-
राष्ट्रीय लोक अदालत के अवसर पर जिला न्यायालय परिसर में बैंक, फाइनेंस कंपनियां, नगर पालिका, विद्युत विभाग और बीएसएनएल द्वारा स्टॉल लगाए गए। इन स्टॉलों पर पक्षकारों को प्री-लिटिगेशन प्रकरणों में नियमानुसार छूट और समाधान के लिए मार्गदर्शन दिया गया।
लोक अदालत में धारा 138 के चेक बाउंस प्रकरण, मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण, सिविल विवाद, पारिवारिक प्रकरण और शमनीय आपराधिक मामले रखे गए। खंडपीठ के पीठासीन अधिकारी और सदस्य पक्षकारों को समझाइश देते हुए आपसी सहमति से मामलों का त्वरित निपटान सुनिश्चित कर रहे हैं।
अधिकारियों का कहना है कि राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से पक्षकार अपने मामलों का शीघ्र और सरल निराकरण कर समय और धन दोनों की बचत कर सकते हैं।