रतलाम। कमर्शियल सिलेंडर की कमी को देखते हुए जिला प्रशासन ने व्यवसायिक एलपीजी उपयोग करने वालों के लिए एडवाइजरी जारी की है। अपर कलेक्टर डॉ. शालिनी श्रीवास्तव द्वारा जारी इस निर्देश में होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को एलपीजी खपत कम करने के तरीके बताए गए हैं। प्रशासन ने ईंधन बचाने के लिए मेन्यू बदलने और वैकल्पिक संसाधनों के उपयोग की सलाह दी है।
यह एडवाइजरी वर्तमान परिस्थितियों में घरेलू उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी की उपलब्धता सुनिश्चित करने और आपूर्ति व्यवस्था को संतुलित बनाए रखने के उद्देश्य से जारी की गई है। इसमें सभी व्यावसायिक उपभोक्ताओं जैसे होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा, केटरिंग इकाइयां, हॉस्टल और संस्थानों को एलपीजी का उपयोग विवेकपूर्ण तरीके से करने का परामर्श दिया गया है।
डीजल भट्टी और इंडक्शन के उपयोग की सलाह
एडवाइजरी में प्रतिष्ठानों को अनावश्यक खपत से बचने और जहां संभव हो, वहां वैकल्पिक ईंधन व उपकरणों का उपयोग करने को कहा गया है। प्रशासन ने डीजल भट्टियां, इलेक्ट्रॉनिक इंडक्शन, रोटी मेकर और अन्य इलेक्ट्रिक कुकिंग उपकरणों को अपनाने की सलाह दी है ताकि गैस पर निर्भरता कम हो सके।
मेन्यू से हटाएं ज्यादा गैस खाने वाले पकवान
प्रशासन ने प्रतिष्ठानों को अपने मेन्यू में अस्थायी रूप से बदलाव करने के निर्देश दिए हैं। ऐसे विकल्प शामिल करने को कहा गया है जिनमें एलपीजी की खपत कम हो। खास तौर पर डीप-फ्राइड (गहरे तेल में तले हुए) खाद्य पदार्थों की तैयारी को कम करने या अस्थायी रूप से टालने को कहा गया है, क्योंकि इनमें ईंधन ज्यादा खर्च होता है।
अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ईंधन की उपलब्धता को लेकर किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक जानकारी पर ध्यान न दिया जाए। ईंधन प्रबंधन के लिए जिला प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
साथ ही, वैकल्पिक साधनों का उपयोग करते समय सुरक्षा व्यवस्था और अग्निरोधी उपायों को अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
महापौर ने कलेक्टर को लिखा पत्र
महापौर प्रहलाद पटेल ने भी कलेक्टर मिशा सिंह को पत्र लिखकर व्यावसायिक गैस सिलेंडर की कमी का मुद्दा उठाया है। उन्होंने धार्मिक, सामाजिक और वैवाहिक कार्यक्रमों में हो रही परेशानियों का जिक्र किया है।
महापौर ने पत्र में लिखा है कि व्यावसायिक सिलेंडर को लेकर असमंजस की स्थिति है, जिससे नागरिकों के कार्यक्रम प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने गैस एजेंसियों को निर्देशित करने की मांग की है ताकि नागरिकों को सिलेंडर उपलब्ध हो सकें।