नीमच। शहर के विजया राजे जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने सूझबूझ और तत्परता दिखाते हुए एक महिला की जान बचाकर उसे नया जीवन दिया। झाबुआ निवासी गेंदाबाई को गंभीर हालत में जिला अस्पताल लाया गया था, जहां डॉक्टरों ने जोखिम उठाते हुए रप्चरड एक्टोपिक प्रेगनेंसी का सफल ऑपरेशन किया।
जानकारी के अनुसार, गेंदाबाई मजदूरी करने के लिए राजस्थान के कनेरा क्षेत्र में आई थीं। इसी दौरान उनके पेट में अचानक तेज दर्द हुआ, जिसके बाद उन्हें नीमच जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जांच में पता चला कि भ्रुण गर्भाशय के बाहर नली में ही फट गया था, जिससे पेट में काफी खून फैल गया था। महिला का हीमोग्लोबिन स्तर गिरकर लगभग 2 ग्राम रह गया था और ब्लड प्रेशर भी बेहद कम हो गया था।
रेफर करना था जोखिम भरा-
डॉ. लाड धाकड़ ने बताया कि मरीज की हालत इतनी गंभीर थी कि उन्हें अन्यत्र रेफर करना संभव नहीं था। डॉक्टरों की टीम ने तत्काल ऑपरेशन करने का निर्णय लिया। करीब दो घंटे तक चले जटिल ऑपरेशन के दौरान महिला को 4 यूनिट खून और 6 यूनिट प्लाज्मा चढ़ाया गया। इस ऑपरेशन में डॉ. लाड धाकड़, डॉ. रुखसिन खान, डॉ. दिनेश, डॉ. कुणाल सहित नर्सिंग स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
आईसीयू में निगरानी के बाद मिली छुट्टी-
ऑपरेशन के बाद महिला को आईसीयू और वेंटिलेटर पर रखा गया, जहां लगातार निगरानी की गई। उपचार के बाद अब महिला पूरी तरह स्वस्थ है। महिला और उनके परिजनों ने डॉक्टरों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें नया जीवन मिला है। स्वस्थ होने के बाद महिला को शनिवार शाम अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।