नीमच। कलेक्टर हिमांशु चंद्रा के निर्देशानुसार राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत जिले में जन्मजात रोगों से पीड़ित बच्चों की पहचान के लिए विशेष सर्वे कराया गया। सर्वे के दौरान मनासा ब्लॉक के ग्राम धाकड़खेड़ी निवासी 10 वर्षीय बालिका दिव्या, पिता मुकेश, के हृदय में छेद होने की गंभीर समस्या सामने आई।
आरबीएसके टीम की डॉ. स्वाती जैन ने गांव पहुंचकर बच्ची की जांच की और उपचार के लिए जिला चिकित्सालय नीमच रेफर किया। बाद में मुख्यमंत्री बाल हृदय उपचार योजना के अंतर्गत इंदौर स्थित मान्यता प्राप्त निजी अस्पताल में बच्ची की निःशुल्क सफल सर्जरी करवाई गई।
इस उपचार में परिजनों का कोई खर्च नहीं हुआ। सर्जरी के बाद बच्ची पूरी तरह स्वस्थ है और परिवार ने जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग का आभार व्यक्त किया।
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत 0 से 18 वर्ष तक के बच्चों की जन्मजात बीमारियों का उपचार और सर्जरी शासकीय एवं मान्यता प्राप्त निजी अस्पतालों में निःशुल्क कराई जा रही है।