मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आज (सोमवार को) कृषि वर्ष 2026 को लेकर बड़ा वैचारिक समागम हो रहा है। कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ भाजपा के मध्य प्रदेश प्रभारी महेंद्र सिंह, डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला, जगदीश देवड़ा, मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, एदल सिंह कंसाना, करण सिंह वर्मा, विश्वास सारंग, कृष्णा गौर, लखन पटेल, गौतम टेटवाल, राकेश शुक्ला, नारायण सिंह कुशवाह, दिलीप अहिरवार, राधा सिंह, तुलसी सिलावट, धर्मेंद्र सिंह लोधी आदि मंच पर उपस्थित हैं।
खेती को लाभ का धंधा बनाने पर फोकस
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य "कृषि वर्ष" के दौरान जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है। दिनभर चलने वाले इस मंथन में इस बात पर विशेष जोर दिया जाएगा कि सरकारी योजनाओं को धरातल पर उतारकर खेती को वास्तविक रूप में 'फायदे का धंधा' कैसे बनाया जाए। भोजन अवकाश के बाद कृषि और उससे संबद्ध विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री के सामने अपनी कार्ययोजना का प्रजेंटेशन देंगे।
विभागवार दिए जा रहे प्रजेंटेशन
कृषि विभाग: उन्नत बीज, खाद और नई तकनीकों पर आधारित योजनाएं।
उद्यानिकी एवं मत्स्य पालन: नकदी फसलों और मछली पालन के जरिए आय दोगुनी करने का रोडमैप।
सहकारिता एवं पशुपालन: डेयरी और सहकारी समितियों के सुदृढ़ीकरण पर चर्चा।
आज के कार्यक्रम की प्रमुख रूपरेखा
सवालों का निराकरण : विधायक और अन्य जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्रों की समस्याओं और खेती से जुड़े सुझाव सीधे विभाग के बड़े अधिकारियों के सामने रखेंगे।
मंत्रीगणों का संबोधन : संबंधित विभागों के मंत्री अपनी प्राथमिकताओं को साझा करेंगे।
मुख्यमंत्री का मुख्य संबोधन: डॉ. मोहन यादव प्रदेश के किसानों के हित में सरकार के विजन और आगामी रणनीतियों पर अपनी बात रखेंगे।
सक्रिय सहभागिता को लेकर मंथन
किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग द्वारा आयोजित इस 'अभिमुखीकरण' कार्यक्रम के जरिए सरकार चाहती है कि हर जिले का जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र के किसानों को सीधे योजनाओं से जोड़ने में मदद करे, ताकि कृषि क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाया जा सके।