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March 16, 2026, 5:12 pm
KHABAR : पीतांबरा पीठ पहुंचे असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा शर्मा, मां बगलामुखी देवी के किए दर्शन, वनखंडेश्वर महादेव का किया अभिषेक, पढे़ खबर

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दतिया। मध्य प्रदेश के दतिया स्थित प्रसिद्ध शक्तिपीठ पीतांबरा पीठ में आए दिन आम श्रद्धालुओं से लेकर खास लोग दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इसी कड़ी में असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा शर्मा सोमवार को दतिया पहुंचे। जहां उन्होंने मां बगलामुखी के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। 


कम संख्या में कार्यकर्ता पहुंचे मंदिर
असम के सीएम हेमंत बिस्वा शर्मा विशेष विमान से दतिया पहुंचे। हवाई पट्टी से वह सीधे पीतांबरा पीठ पहुंचे। यहां उन्होंने मां बगलामुखी देवी के दर्शन किए। साथ ही परिसर में स्थित वनखंडेश्वर महादेव का अभिषेक किया। मुख्यमंत्री के स्वागत के लिए इक्का दुक्का भाजपा कार्यकर्ता ही मंदिर पहुंचे। 


1935 में हुई थी पीतांबरा पीठ की स्थापना 
पीतांबरा पीठ एक प्राचीन और सिद्ध शक्तिपीठ है, जिसकी स्थापना 1935 में परम कल्याण स्वरूप अनंत श्री विभूषित स्वामीजी महाराज ने की थी। यह पवित्र स्थल माँ बगलामुखी और माँ धूमावती को समर्पित है, जो तंत्र-मंत्र और गुप्त पूजा-अर्चना के लिए विख्यात हैं। मां पीतांबरा को राजसत्ता की देवी माना जाता है, और यहां भक्त राजनीतिक विजय, शत्रुओं पर जीत और मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए आते हैं।  


 भारत-चीन युद्ध में पूर्णाहुति के समय पीछे हटी थी चीनी सेना
पीठ का ऐतिहासिक महत्व भी अत्यंत विशेष है। 1962 के भारत-चीन युद्ध के दौरान स्वामी जी महाराज के नेतृत्व में राष्ट्र रक्षा यज्ञ आयोजित किया गया, जिसमें देश भर से 75 विद्वान साधकों ने अनुष्ठान किया। पूर्णाहुति के समय ही चीन की सेना ने पीछे हटने की घोषणा की, जिसे मां बगलामुखी और धूमावती के आह्वान का चमत्कार माना जाता है। इसी तरह, 1962 के भारत-पाक युद्ध में किए गए विशेष हवन ने भारत की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।  

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